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धोद गोशाला पहली बारिश में जलमग्न:400 गोवंश कीचड़-गंदे पानी में रहने को मजबूर, प्रशासन से समाधान की मांग


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धोद गोशाला पहली बारिश में जलमग्न:400 गोवंश कीचड़-गंदे पानी में रहने को मजबूर, प्रशासन से समाधान की मांग

धोद गोशाला पहली बारिश में जलमग्न:400 गोवंश कीचड़-गंदे पानी में रहने को मजबूर, प्रशासन से समाधान की मांग

धोद : धोद गौशाला में पहली बारिश के बाद एक बार फिर जलभराव की समस्या सामने आई है। वर्षों पुरानी यह समस्या इस मानसून में भी जस की तस बनी हुई है, जिससे गौशाला परिसर और आसपास का क्षेत्र पानी से भर गया है। लगभग 400 गौवंश कीचड़ और गंदे पानी के बीच रहने को मजबूर हैं।

गौशाला में मौजूद करीब 400 गौवंशों को बदहाल स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। जिस स्थान पर उनके लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण होना चाहिए, वहां जलभराव और कीचड़ फैल गया है। इससे गौवंशों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

समस्या की गंभीरता तब और बढ़ जाती है जब गांव का सीवरेज पानी भी इसी क्षेत्र में पहुंचता है। सीवरेज लाइन ओवरफ्लो होने पर गंदा पानी सीधे गौशाला परिसर की ओर आ जाता है, जिससे स्थिति और भी खराब हो जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून में ऐसे ही हालात बनते हैं, लेकिन समाधान के नाम पर केवल आश्वासन ही मिलते हैं। जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। मानसून से पहले व्यवस्थाओं के दावे करने वाले अधिकारियों के लिए यह तस्वीरें आईना साबित हो रही हैं।

यह वर्षों से चली आ रही समस्या है, जिसके बावजूद हालात नहीं बदले हैं। सवाल यह है कि धोद गौशाला को जलभराव से कब मुक्ति मिलेगी, या हर मानसून में गौवंशों को इसी तरह पानी और कीचड़ के बीच जीवन बिताने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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