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आरक्षण में सुधार व नीति में बदलाव की मांग को लेकर बैठक आयोजित


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आरक्षण में सुधार व नीति में बदलाव की मांग को लेकर बैठक आयोजित

आरक्षण में सुधार व नीति में बदलाव की मांग को लेकर बैठक आयोजित

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : जिला मुख्यालय पर एक होटल में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग ईडब्लूएस आरक्षण में व्याप्त खामियों को दूर करने की मांग को लेकर चूरू में बैठक आयोजित की गई जिसमें व्यापक जनसमर्थन देखने को मिला। ईडब्लूएस जन जागृति मंच के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में बड़ी संख्या में युवाओं, किसानों एवं समाज के विभिन्न वर्गों ने भाग लेकर केंद्र सरकार से मौजूदा मानदंडों में संशोधन की मांग की। इस अवसर पर प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राजस्थान पर्यटन विकास निगम के पूर्व चैयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि 2019 में लागू किया गया 10 प्रतिशत ईडब्लूएस आरक्षण देश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय था, लेकिन इसकी वर्तमान पात्रता शर्तें कई वास्तविक जरूरतमंदों को इससे वंचित कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकारी भर्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में ईडब्लूएस वर्ग की सीमित भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि यह व्यवस्था जमीनी स्तर पर प्रभावी नहीं हो पा रही है। राठौड़ ने कहा ईडब्लूएस आरक्षण का उद्देश्य तभी सार्थक होगा जब इसकी शर्तें सरल और यथार्थपरक हों। आज किसान, महिलाएं और कई वंचित वर्ग इसके दायरे से बाहर हैं। केंद्र सरकार को समय रहते इसमें आवश्यक सुधार करने चाहिए ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक इसका लाभ पहुंच सके।

मंच की ओर से मांग की गई कि ईडब्लूएस आरक्षण में भूमि एवं आवास से जुड़ी शर्तों को समाप्त किया जाए, पात्रता मानदंडों को अधिक समावेशी बनाया जाए और नीति में एकरूपता लाकर सभी पात्र वर्गों को न्यायसंगत अवसर प्रदान किए जाएं। सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल ने विशेष रूप से भूमि संबंधी शर्तों पर सवाल उठाते हुए कहा कि 5 एकड़ कृषि भूमि की सीमा आज के आर्थिक परिप्रेक्ष्य में व्यवहारिक नहीं है। कम उत्पादन और बढ़ती लागत के कारण किसान वर्ग की आय सीमित है, बावजूद इसके उन्हें ईडब्लूएस श्रेणी से बाहर रखा जाना न्यायसंगत नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि मकान से जुड़ी शर्तों के चलते पारिवारिक संरचना पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। संयुक्त परिवारों में रहने वाले कई युवा केवल पात्रता के लिए अलग-अलग रहने को मजबूर हो रहे हैं, जो सामाजिक दृष्टि से चिंताजनक है। इसके अलावा राजगढ़ विधायक मनोज न्यांगली ने केंद्र और राज्य की आरक्षण नीतियों में असंगति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई समुदाय राज्य स्तर पर पिछड़ा वर्ग ओबीसी में शामिल हैं, लेकिन केंद्र में सामान्य श्रेणी में आने के कारण वे ईडब्लूएस के तहत भी पूर्ण लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने राजस्थान में पूर्व में अपनाए गए लचीले ईडब्लूएस मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भूमि और मकान से संबंधित शर्तों में राहत देकर अधिक लोगों को इसका लाभ सुनिश्चित किया गया। इसी प्रकार की व्यवहारिक नीति को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर सेवानिवृत्त आईपीएस केसर सिंह शेखावत, ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष नारायण बालाण, विक्रम सिंह कोटवाद, हिम्मत सिंह मालासी, प्रदीप अग्रवाल, सज्जन सिंह मठोड़ी करणी सेना जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह ढ़ाढ़र, आलोक सिंह, गजेंद्र सिंह कोटवाद, आदित्य सिंह राठौड़, पंकज सिंह राठौड़, प्रदीप अग्रवाल लोढ़सर, सरपंच कन्हैयालाल शर्मा, पूर्व सरपंच जंगसेर खां, शमशेर खान, शेर सिंह, राजेश सिंह, लक्ष्मण सिंह, विक्रम सिंह, वीरेंद्र सिंह राठौड़, राजवीर सिंह राठौड़, रविंद्र सिंह व किशन सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

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