इस्लामपुर का नाम बदलने के विरोध में मेघवाल समाज की हुंकार, अंबेडकर चौक पर प्रदर्शन कर सरकार-विधायक के खिलाफ नारेबाजी
बोले- भगवान श्रीराम में आस्था अटूट, लेकिन गांव की 600 साल पुरानी पहचान नहीं बदलने देंगे; चेतावनी- जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद आरिफ चंदेल
इस्लामपुर : झुंझुनूं जिले के इस्लामपुर गांव का नाम बदलकर “श्रीरामपुर” करने की मांग के विरोध में अब मेघवाल समाज भी खुलकर मैदान में उतर आया है। रविवार शाम अंबेडकर चौक में आयोजित बैठक में समाज के लोगों ने गांव का नाम यथावत रखने की मांग करते हुए राज्य सरकार और विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
वक्ताओं ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि विधायक को चाहिए कि वो विकास की राजनीति करे और गांव के नामकरण के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ न करें। ग्रामीणों का कहना है कि मेघवाल बस्ती में काफी लंबे समय से गंदे पानी की झील बनी हुई है, पीने के पानी के लिए पर्याप्त ट्यूबवेल नहीं है, कस्बे में लड़कियों की कॉलेज की व्यवस्था नहीं है साथ ही सीएचसी में रात के समय डॉक्टरों का ठहराव नहीं है जिसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने विधायक को संबोधित करते हुए कहा की विधायक को इस्लामपुर गांव में आमजन की समस्याओं का निराकरण करवाकर अपने वोटों के लिए राजनीति करनी चाहिए। गांव का नाम बदलकर हिंदू-मुस्लिम में फाड़ करना और आपसी प्रेम व भाईचारे को कुचलना उनको शोभा नहीं देता है। समाज के लोगों ने कहा कि हम सर्व समाज के लोग मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे और गांव का नाम यथावत रखने की मांग करेंगे।
वक्ताओं ने बताया कि गांव का नामकरण आज से लगभग 600 साल पहले नागड़ पठानों ने अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर रखा था न की धर्म के नाम पर। तब से लेकर आज तक गांव के लोग आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ रहते आए हैं। समाज के लोगों ने कहा कि भगवान श्रीराम का हम सम्मान करते हैं और उनमें हमारी गहरी आस्था है मगर हम किसी भी हाल में अपने गांव का नाम बदलना बर्दाश्त नहीं करेंगे।
हमने अपने किसी भी पूर्वजों से यह नहीं सूना की पहले कस्बे का नाम श्रीरामपुर था। ज्ञापन के माध्यम से भी अगर विधायक और राज्य सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो हम सर्व समाज के लोग एक बड़ा जन आंदोलन करेंगे और किसी भी सूरत में कस्बे का नाम नहीं बदलने देंगे। ग्रामीणों ने कहा कि जरूरत पड़ी तो हम हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगें। बैठक को पूर्व सरपंच व जिला परिषद सदस्य आशाराम बरवड़, शैलेष भारतीय, दामोदर गर्वा, दीनदयाल गर्वा व प्रभुदयाल गर्वा ने संबोधित किया।
इस अवसर पर भीम आर्मी के मनिंदर गर्वा, राजेंद्र, दिनेश बरवड़, भरतमल, अरविंद, राकेश कडवासरा, दिनेश, गिदाराम, अनिल, राजकुमार, मुकेश, संजय गर्वा, ओमप्रकाश, राजेन्द्र प्रसाद, राजू गर्वा, अंकित, महिपाल गर्वा, प्रमोद, मनमोहन, बलबीर, अनिल गर्वा, राकेश जुलाहा, राजेन्द्र बरवड़,अरविन्द गर्वा, मुकेश गर्वा, ख्यालीराम कड़वासरा, सुखवीर गर्वा, मनमोहन, मनोज कुमावत, अभिषेक मेघवाल, बंटी तानान, विक्रम जुलाहा, प्यारेलाल, विक्की टेलर, राजू गर्वा, ओमप्रकाश, योगेश व विद्याधर सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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