जल प्रकृति का अमूल्य उपहार, पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक : अविनाश गहलोत
प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत छापर आए, वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के जिला स्तरीय कार्यक्रम में की शिरकत
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : गजराज शर्मा
छापर : सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत छापर मुख्यालय पर गांधी सरोवर पर वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के जिला स्तरीय कार्यक्रम में शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने जल पूजन किया और उपस्थितों को जल संरक्षण का संकल्प दिलाया। इस मौके पर मंत्री अविनाश गहलोत कहा कि जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निरंतर कार्य कर रही है।
समाज की सहभागिता से ही जल संकट की समस्या का स्थायी समाधान संभव है। प्रदेश में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में अभूतपूर्व काम हो रहे हैं। हमारी सरकार ने ईआरसीपी, यमुना जल समझौता आदि प्रयासों से प्रदेश में वर्षों से लंबित पेयजल की मांग को पूरा किया है। अभी जल संरक्षण की दिशा में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान कर संकल्प लिया है। इस मुहिम में हम सभी आगे आएं और संकल्पित प्रयासों से अपनी विरासत को बचाएं। उन्होंने आमजन से वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग का आह्वान किया।

प्रभारी मंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर क्षेत्र में प्रभावी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ और युवाओं को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन वर्तमान सरकार ने युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। सरकार युवाओं को रोजगार और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भजनलाल सरकार के कार्यकाल में सभी विभागों में रिकॉर्ड स्तर पर काम हो रहा है और प्रदेश विकास, सुशासन एवं जनकल्याण के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। सरकार की प्राथमिकता आमजन को राहत, किसानों को सुविधा, युवाओं को रोजगार और महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करना है। आज हमारे विभाग हर क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री खेमाराम मेघवाल ने कहा कि जल संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और समाज की भागीदारी से ही जल स्रोतों को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने क्षेत्रीय जल स्रोतों की जानकारी देते हुए उनके संरक्षण व संवर्धन की बात कही। उन्होंने लोगों से जल बचाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
पूर्व विधायक अभिनेष महर्षि ने कहा कि जल संकट केवल सरकारों के प्रयासों से समाप्त नहीं होगा, बल्कि इसके लिए समाज की सामूहिक भागीदारी जरूरी है। हर व्यक्ति को वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों की सफाई एवं संरक्षण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग की आदत अपनानी होगी।
प्रभारी सचिव कृष्ण कुणाल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा हमारी समृद्ध विरासत और संस्कृति को सहेजने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। आमजन इसमें अधिकतम भागीदारी करें। प्रभारी सचिव ने जिले में संचालित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि अभियान के अंतर्गत जल स्रोतों की सफाई, पौधारोपण, श्रमदान, जनजागरूकता गतिविधियां तथा जल संरक्षण संबंधी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने जिले में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की विस्तृत रूपरेखा की जानकारी दी। पूर्व इस दौरान छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी और उपस्थितों ने जल संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर एडीएम संतोष कुमार मीना, एएसपी सतपाल सिंह, एसडीएम ओमप्रकाश वर्मा, तहसीलदार गिरधारी पारीक, ईओ भवानीशंकर व्यास, चितरंजन राठौड़, गजानंद स्वामी, पुरूषोत्तम सुरेका, मांगीलाल भांभू, पार्थ सोनी, अनिल, मुकेश सहित अन्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन सुरेश रतावा ने किया।
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