[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

धुमन्तु समुदाय के 70 परिवारों ने मांगी मूलभूत सुविधाएं:दो साल से लंबित मांगों पर कार्रवाई की अपील, एसडीएम को ज्ञापन सौंपा


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
चूरूटॉप न्यूज़राजस्थानराज्यसादुलपुर

धुमन्तु समुदाय के 70 परिवारों ने मांगी मूलभूत सुविधाएं:दो साल से लंबित मांगों पर कार्रवाई की अपील, एसडीएम को ज्ञापन सौंपा

धुमन्तु समुदाय के 70 परिवारों ने मांगी मूलभूत सुविधाएं:दो साल से लंबित मांगों पर कार्रवाई की अपील, एसडीएम को ज्ञापन सौंपा

सादुलपुर : धुमन्तु समुदाय (कूचियां जनजाति) के 70 परिवारों ने सोमवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। इन परिवारों को दो साल पहले वार्ड नंबर 14 से विस्थापित किया गया था, लेकिन उन्हें अब तक बिजली, पानी, शौचालय और आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिली हैं।

सात दिनों के अंदर सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन मिला था

एडवोकेट गायत्री पूनिया और भगत सिंह फोर्स के अनूप पूनिया के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि लगभग दो साल पहले प्रशासन ने वार्ड नंबर 14 से करीब 300 लोगों (70 परिवार) को भामाशाह राकेश पूनिया द्वारा दान की गई भूमि पर विस्थापित किया था। उस समय उन्हें सात दिनों के भीतर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था।

दो साल से नहीं मिल पाई मूलभूत सुविधाएं

हालांकि, दो साल बीत जाने के बाद भी विस्थापित परिवारों को बिजली, पीने का पानी, शौचालय और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। लोगों ने बताया कि पानी की पाइपलाइन के लिए टेंडर हो चुका है, लेकिन काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है।

पहले भी कराया था समस्या से अवगत

समुदाय के सदस्यों ने ज्ञापन में कहा कि प्रशासन को पहले भी कई बार इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे भी देश के नागरिक और मतदाता हैं, इसलिए उन्हें पीने का पानी, बिजली, शौचालय और आवास जैसी सुविधाएं मिलना उनका मूल अधिकार है।

धरना प्रदर्शन करनी की चेतावनी

भगत सिंह फोर्स ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन परिवारों को उनके हक और अधिकार नहीं मिले, तो वे मिनी सचिवालय के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन सौंपते समय मोहन लाल झाड़सर, जोगेंद्र शुडॉ, सत्यवीर खेमाना, सौमिया, पिंकी, साधना, राजेश, रोशनी, खटड़ु सहित कई महिला-पुरुष मौजूद थे।

Related Articles