NEET स्टूडेंट सुसाइड:राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से बात की:बोले- हम कोई मदद कर सकते हैं तो बताइए; पिता ने कहा- अस्थियां विसर्जित नहीं करेंगे
NEET स्टूडेंट सुसाइड:राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से बात की:बोले- हम कोई मदद कर सकते हैं तो बताइए; पिता ने कहा- अस्थियां विसर्जित नहीं करेंगे
झुंझुनूं : NEET पेपर लीक के बाद सीकर में 22 साल के प्रदीप मेघवाल ने किराए के कमरे में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे। यहां उन्होंने राहुल गांधी को फोन मिलाकर बच्चे के पिता, मां और चाचा से बात करवाई।
पिता ने राहुल गांधी से बात करते हुए कहा- सेंटर से निकलते ही उसने कहा था, उसका सिलेक्शन इस बार हो जाएगा। मां ने कहा- तीन बहनों का इकलौता भाई था, अब हम क्या करेंगे। परिजनों की बात सुनकर राहुल गांधी ने कहा- बड़े दुःख की बात है, उनको वापस तो नहीं ला सकते, लेकिन अगर कुछ मदद हो सके तो बताइए।
उधर, छात्र के सुसाइड की घटना को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। पिता राजेश कुमार ने कहा- जब तक न्याय नहीं मिल जाता, प्रदीप की अस्थियां गंगा में विसर्जित नहीं करेंगे।
अब समझिए क्या था घटनाक्रम
प्रदीप मेघवाल (22) झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी क्षेत्र के कनिका की ढाणी बाड्या नाला गांव के रहने वाले थे। वह पिछले 3 सालों से सीकर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रहे थे। वह सीकर की पीपराली रोड स्थित किराए के कमरे में अपनी बहनों के साथ रहते थे और एक निजी सेंटर से कोचिंग ले रहे थे।
प्रदीप ने 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद उसने परिवार को बताया था कि उसके 720 में से 650 नंबर आने की संभावना है। लेकिन पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द होने की खबर से वह गहरे तनाव में आ गया। 15 मई को सीकर स्थित अपने कमरे में प्रदीप ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस के मुताबिक, घटना के समय उसकी एक बहन कोचिंग गई हुई थी जबकि दूसरी बहन बाथरूम में थी। जब वह बाहर आई तो प्रदीप कमरे में लटका मिला। आसपास के लोगों की मदद से प्रदीप को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
प्रदीप के पिता राजेश कुमार ने बताया- परिवार ने बेटे की पढ़ाई पर 8 से 11 लाख रुपए खर्च किए थे। परिवार ने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए घर तक नहीं बनवाया था। परीक्षा रद्द होने के बाद प्रदीप बेहद परेशान रहने लगा था और लगातार तनाव में था।
पीड़ित परिवार और राहुल गांधी के बीच फोन पर हुई बातचीत…
विनोद जाखड़: भैया नमस्ते।
राहुल गांधी: नमस्कार।
विनोद जाखड़: भैया, मैं पीड़ित परिवार के पास आया हूं। नीट का पेपर हुआ था, वो लीक हो गया। उसके कारण जो है…एक बेहद गरीब फैमिली है राजस्थान के झुंझुनूं की। उनके बच्चे ने सुसाइड कर लिया।
राहुल गांधी: सुसाइड कर लिया…
विनोद जाखड़: हां भैया, तो ये आपसे बात करना चाहते हैं भैया। ये पिताजी हैं, बात कीजिए। (विनोद जाखड़ फोन प्रदीप के पिता को देते हैं)
प्रदीप के पिता: नमस्कार…
राहुल गांधी: नमस्कार, बड़ा दुख हुआ ये सुनकर। कितने टाइम के लिए पढ़ाई कर रहे थे?
प्रदीप के पिता: तीन साल से पढ़ाई कर रहा था। अबकी बार उसका सिलेक्शन हो ही गया था और वो सेंटर से निकला, तभी बोल दिया था कि मेरा सिलेक्शन हो गया है अबकी बार। पेपर लीक होने के बाद में उसने सुसाइड कर लिया।
राहुल गांधी: तो पेपर लीक… जब पेपर लीक हुआ, उसने मतलब पहले भी ट्राई किया था या पहली बार थी ये?
प्रदीप के पिता: नहीं, ये तीसरी बार था।
राहुल गांधी: तीसरी बार था और इस बार इसको लगा था कि हो जाएगा?
प्रदीप के पिता: जी… हो क्या जाएगा, हो ही गया था
राहुल गांधी: हो गया था…
प्रदीप के पिता: जी
राहुल गांधी: और इनके कितने भाई-बहन हैं?
प्रदीप के पिता: तीन बहनें हैं, एक भाई है।
राहुल गांधी: तो बड़ा भाई यही था या छोटा भाई था?
प्रदीप के पिता: नहीं, भाई तो वो एक ही था।
राहुल गांधी: और उनकी मम्मी भी हैं?
प्रदीप के पिता: जी

प्रदीप की मां और राहुल गांधी की बातचीत
प्रदीप की मां: हेलो…
राहुल गांधी: हेलो, नमस्कार
प्रदीप की मां: नमस्कार
राहुल गांधी: सॉरी, ये बुरी खबर सुनी हमने
प्रदीप की मां: घणी दुख की बात हुई है। तीन बहनां ही, एक भाई यो भी… प्रेम अनुसार हो, वो म्हारो टूट गयो। अब मैं के करांगा? (रोने लगती हैं)
राहुल गांधी: उनको वापस तो नहीं ला सकते, मगर अगर हम कोई मदद कर सकते हैं या कुछ किया जा सकता है, तो आप बता दीजिए, हां?
(इस बीच परिवार के रोने के कारण विनोद जाखड़ दोबारा फोन संभालते हैं और राहुल गांधी को स्थिति बताते हैं)
विनोद जाखड़: भैया, लोन लेकर इन्होंने बेटे को पढ़ाया। ये बोल नहीं पा रहे हैं, रो रहे हैं भैया पूरी फैमिली। पूरी जमीन बेच दी भैया।
राहुल गांधी: कितना लोन था?
विनोद जाखड़: 11 लाख रुपए का लोन है भैया इनका।
राहुल गांधी: 11 लाख रुपए…
विनोद जाखड़: सिर्फ पढ़ाई के लिए लोन लिया है, जमीन बेच दी। और बहुत बुरी स्थिति है भैया। टिन का… इनका घर है, ऊपर जो स्टील शीट होती है वो है। घर के दरवाजे भी अच्छे से नहीं हैं, सिर्फ दो कमरे हैं। बहुत बुरे हालात हैं परिवार के। और इनका कहना है कि 650 नंबर जो हैं 720 में से उसके आ रहे थे।
बहुत खुश था और पूरे परिवार से उसने बातचीत की थी। जब वो पिताजी को कह रहा है कि इस बार मेरा सिलेक्शन पक्का है और फिर तीसरे दिन खबर सुनते ही उसने… वो रूम किराए पर लेकर रहता था अपनी बहनों के साथ, फिर उसने भैया वहां पर सुसाइड कर लिया।
राहुल गांधी: कैसे किया?
विनोद जाखड़: आप बताएंगे? ये इनके चाचा हैं भैया, बताएंगे

प्रदीप के चाचा: 15 तारीख को सुबह 11 बजे ये दुखद खबर मिली हमें। ऊपर था वो टिन शेड था, उसमें फंदा लगाया था उसने
राहुल गांधी: और अगर हम कोई मदद कर सकते हैं या कुछ किया जा सकता है, तो आप बता दीजिए
प्रदीप के चाचा: मदद तो यही है अपने तो… न्याय की उम्मीद है। इसके लिए न्याय चाहिए हमें तो। बात ये है कि जैसे पेपर माफिया है, उनको फांसी हो या ऐसा कठोर कानून बने
राहुल गांधी: वो तो… वो तो हम कर सकते हैं
विनोद जाखड़: थैंक यू भैया, थैंक यू भैया
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