गैस एजेंसी में डिलीवरी मैन की मौत पर 6 घंटे चला धरना, 5 लाख सहायता के बाद बनी सहमति
मूंडरू में कूलवाल भारत गैस एजेंसी के बाहर हंगामा; परिजन बोले- हत्या की हो जांच, प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : अशोक सिंह शेखावत
श्रीमाधोपुर : मूंडरू कस्बे स्थित कूलवाल भारत गैस एजेंसी के गोदाम में डिलीवरी मैन बाबूलाल यादव की आग से झुलसने के बाद हुई मौत को लेकर मंगलवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना के विरोध में परिजन, समर्थक और ग्रामीण गैस एजेंसी के बाहर धरने पर बैठ गए। करीब छह घंटे तक चले गतिरोध के बाद प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मध्यस्थता से समझौता हुआ, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
मौत के कारणों को लेकर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार बाबूलाल यादव पिछले करीब 15 वर्षों से गैस एजेंसी में कार्यरत था। मंगलवार सुबह गोदाम में आग लगने की घटना में उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी में स्वयं आग लगाने की बात सामने आई है, लेकिन मृतक के परिजनों ने मामले को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम की मांग की।
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण गैस एजेंसी के बाहर एकत्रित हो गए और उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए धरना शुरू कर दिया।

पुलिस, एफएसएल और पेट्रोलियम विभाग ने की जांच
सूचना पर अजीतगढ़ डिप्टी प्रेम बहादुर निर्भय, श्रीमाधोपुर थानाधिकारी महेंद्र सिंह, तीन थानों का पुलिस जाप्ता, एफएसएल टीम, तहसीलदार स्नेहलता राजोरिया तथा पेट्रोलियम विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
गैस एजेंसी प्रबंधन के अनुसार सुबह कर्मचारी गोदाम की चाबी लेने आया था। बाद में एक कर्मचारी जब दस्तावेज लेने पहुंची तो गोदाम का ताला खुला मिला और अंदर आग दिखाई दी। इसके बाद तुरंत परिजनों और एजेंसी संचालकों को सूचना दी गई।
टला बड़ा हादसा
घटना के समय गोदाम में 12 भरे हुए गैस सिलेंडर सहित बड़ी संख्या में खाली सिलेंडर रखे हुए थे। आग सिलेंडरों तक नहीं पहुंची, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया। यदि आग सिलेंडरों तक पहुंच जाती तो आसपास के क्षेत्र में गंभीर नुकसान हो सकता था।
वार्ता से निकला समाधान
धरने के दौरान सीआई महेंद्र सिंह और सामाजिक कार्यकर्ता विजेंद्र सिंह मूंडरू ने परिजनों, ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सकारात्मक वार्ता करवाई। कई दौर की बातचीत के बाद शाम करीब 6 बजे सहमति बनी।
समझौते के तहत गैस एजेंसी संचालक ने मानवता के नाते मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। वहीं तहसीलदार स्नेहलता राजोरिया ने नियमानुसार राजकीय योजनाओं और सरकारी सहायता का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया।
जांच जारी
धरना समाप्त होने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। पुलिस, एफएसएल और पेट्रोलियम विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
धरने में भाजपा नेता श्याम चौधरी, बलराम यादव, पूर्व प्रधान भागीरथमल यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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