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पैंथर जैसे जानवर नुकसान करेंगे तो मिलेगी सामाजिक-आर्थिक सिक्योरिटी:वन्यजीवों का खतरा देखकर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तैयार करेगा सेल्फ डिफेंडिंग स्वयंसेवक


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पैंथर जैसे जानवर नुकसान करेंगे तो मिलेगी सामाजिक-आर्थिक सिक्योरिटी:वन्यजीवों का खतरा देखकर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तैयार करेगा सेल्फ डिफेंडिंग स्वयंसेवक

पैंथर जैसे जानवर नुकसान करेंगे तो मिलेगी सामाजिक-आर्थिक सिक्योरिटी:वन्यजीवों का खतरा देखकर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तैयार करेगा सेल्फ डिफेंडिंग स्वयंसेवक

सीकर : सीकर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की ‘मानव-वन्यजीव संघर्ष (HWC) के पीड़ितों के लिए न्याय तक पहुंच योजना-2025’ के इफेक्टिव और सिस्टमैटिक क्रियान्वयन की तैयारी सोमवार की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) ने अधिकार मित्रों (पैरा लीगल वॉलेंटियर्स – PLV) और पैनल एडवोकेट्स के लिए 2 दिवसीय Initial Training प्रोग्राम शुरू किया। एडीआर सभागार में आबादी क्षेत्रों में वन्यजीवों से होने‌ वाले नुकसान और राहत के बारे में जानकारी दी गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) सेक्रेटरी शालिनी गोयल ने बताया- वन सीमा क्षेत्रों, आदिवासी बाहुल्य इलाकों और वन्यजीव संघर्ष के सेंसेटिव क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लीगल हैल्प देने के लिए प्रोग्राम शुरू किया गया। काफी समय से शेखावाटी क्षेत्र में आबादी वाले इलाकों में पैंथर, लेपर्ड जैसे वन्यजीवों की पहुंच की घटनाएं बढ़ गई हैं।

ऐसे में यहां के लोगों को जागरूक करना जरूरी है। जंगली जानवरों और इंसानों के बीच होने वाले अप्रत्याशित संघर्ष में लोगों की जान-माल का भारी नुकसान होता है। ऐसे में प्रभावित व्यक्तियों, उनके परिवारों और कम्यूनिटी को नियमानुसार उचित मुआवजा, लीगल हैल्प और अन्य आवश्यक राहत उपाय समय पर मिल सकें, इसलिए मास्टर ट्रेनिंग दी जा रही है।

वन्यजीवों के नाम लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो

ट्रेनिंग प्रोग्राम के पहले दिन जिला जज रूपा गुप्ता ने एडवोकेट्स को ‘मानव-वन्यजीव संघर्ष न्याय योजना 2025’ के तहत लीगल‌ ड्यूटी के बारे में बताया। उन्होंने वन्यजीवों के संरक्षण और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने देने की बात कही।

नई योजना के टेक्निकल-प्रैक्टिकल पहलुओं के बारे में बताया

चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल बृजेंद्र सिंह रूलानियां ने नई योजना के टेक्निकल व प्रैक्टिकल पहलुओं के बारे में बताया। डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल महेश कुमार पटेल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21, 39क, 48क और 51क के साथ विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम-1987 के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। प्रोग्राम में आपदा प्रबंधन विभाग के मदन सिंह कुडी, कनिष्ठ सहायक सीताराम जाखड़, वन विभाग के सहायक वन संरक्षक सौरभ कुमार और रेंजर अमित देवंदा ने संबंधित विभागों से जुड़ी जानकारी दी।

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