[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

मानोता जाटान में खेत में लगी भीषण आग: 50 मन कड़बी जलकर राख, पास के चारागाह तक फैलती तो हो सकता था बड़ा हादसा


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
खेतड़ीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

मानोता जाटान में खेत में लगी भीषण आग: 50 मन कड़बी जलकर राख, पास के चारागाह तक फैलती तो हो सकता था बड़ा हादसा

मानोता जाटान में खेत में लगी भीषण आग: 50 मन कड़बी जलकर राख, पास के चारागाह तक फैलती तो हो सकता था बड़ा हादसा

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : विजेन्द्र शर्मा

खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड के क्षेत्र के मानोता जाटान गांव में रविवार को एक किसान के खेत में रखी कड़बी (पशु चारा) में भीषण आग लग गई। इस घटना में करीब 50 मन कड़बी जलकर राख हो गई, जिससे किसान दीपचंद ढाका को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है।

विकास ढाका ने बताया कि रविवार को परिवार के सदस्य घर पर थे, तभी खेत की ओर से धुआं उठता दिखाई दिया। मौके पर पहुंचने पर देखा कि कड़बी के ढेर में आग लग चुकी थी और तेज हवा के कारण वह तेजी से फैल रही थी। उन्होंने तुरंत मिट्टी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया।

आग की लपटें बढ़ती देख आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और सामूहिक रूप से आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए पास में रखे कड़बी के दूसरे ढेर को तुरंत वहां से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, जिससे वह आग की चपेट में आने से बच गया और संभावित बड़ा नुकसान टल गया। खेत के पास ही पशुचारागाह (जोड़) स्थित होने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आग पास के चारागाह तक फैल सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था।

काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक करीब 50 मन कड़बी पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। इस घटना से किसान को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। आग किन कारणों से लगी, इसका अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।

इस दौरान हरपाल महला, दीपक ढाका, अनुज ढाका, बेदकोर देवी, मनी देवी, रविन्द्र पायल और विजेन्द्र जयलापिया सहित कई ग्रामीणों ने आग बुझाने में अहम भूमिका निभाई। ग्रामीणों के सहयोग से समय रहते आग पर काबू पाया जा सका और अन्य चारे को सुरक्षित बचा लिया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित किसान को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

Related Articles