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बीदासर में ‘मधुमक्खियों का आतंक’: आबादी के बीच दर्जनों छत्ते


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बीदासर में ‘मधुमक्खियों का आतंक’: आबादी के बीच दर्जनों छत्ते

बीदासर में ‘मधुमक्खियों का आतंक’: आबादी के बीच दर्जनों छत्ते

बीदासर : घनी आबादी वाले इलाकों में पेड़ों पर बने मधुमक्खियों के दर्जनों छत्ते अब गंभीर खतरे में बदल चुके हैं। लगातार सामने आ रही हमलों की घटनाओं ने हालात को चिंताजनक बना दिया है। लोग घरों से निकलने और मुख्य रास्तों से गुजरने में भी डर महसूस कर रहे हैं।

गांधी चौक, पुरानी नगर पालिका के सामने, सिनेमा हॉल क्षेत्र सहित कई प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर पुराने पेड़ों पर बड़े-बड़े छत्ते लटके हुए दिखाई दे रहे हैं। ये सभी इलाके दिनभर भीड़भाड़ वाले रहते हैं, जहां स्कूल जाने वाले बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में आवाजाही करते हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार मधुमक्खियां अचानक झुंड बनाकर राहगीरों पर हमला कर देती हैं। अब तक कई लोग डंक लगने से घायल हो चुके हैं। हाल ही में ग्रामीण क्षेत्र में मधुमक्खियों के हमले से एक व्यक्ति की मौत हो जाने से लोगों में भय और भी बढ़ गया है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग अब तक मूकदर्शक बना हुआ है।

नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका और प्रशासन को कई बार अवगत करवाया गया , लेकिन अब तक न तो छत्ते हटाने की कार्रवाई की गई और न ही किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम में मधुमक्खियां अधिक संवेदनशील और आक्रामक हो जाती हैं। तेज आवाज, धुआं या हलचल होने पर वे झुंड में हमला कर सकती हैं, जिससे जान का खतरा तक बन जाता है।

लोगों की मांग-तत्काल हटें छत्ते, हो स्थायी समाधान

बीदासर नगरवासियों ने मांग की है कि आबादी क्षेत्र में लगे इन छत्तों को तत्काल सुरक्षित हटाये ताकी बढ़ते खतरे के बीच किसी भी तरह की घटनाएं न हो प्रशासन की अनदेखी और बढ़ते खतरे के बीच बीदासर के लोग फिलहाल डर के साये में जीने को मजबूर हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन अब आम नागरिकों की इस समस्या का कब तक स्थाई समाधान करता हैं ताकि क्षेत्र में मधुमक्खियां से किसी प्रकार की दुर्घटना घटित ना हो

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