जनमानस के स्टिंग ‘शिक्षा का ब्लैक मार्केट’ के बाद हिला कमीशनखोरों का तंत्र
जनमानस के चीफ जर्नलिस्ट आबिद खान को ‘राजस्थान पुलिस का कांस्टेबल’ बनकर दी गई धमकी, बौखलाए शिक्षा माफियाओं की हदें पार
जनमानस शेखावाटी चीफ एडिटर की कलम से, “शेखावाटी की धरती एक बार फिर गवाह बनी है, जब अन्याय के खिलाफ आवाज उठी, तो सच्चाई की गूंज ने उन दरबारों की नींव हिला दी, जहाँ शिक्षा को ज्ञान नहीं, “कमीशन की मंडी” बना दिया गया था। ‘जनमानस शेखावाटी’ की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के आबिद खान दाडून्दा और अनिल शेखिसर द्वारा किया गया स्टिंग ऑपरेशन “शिक्षा का ब्लैक मार्केट” ने उन सफेदपोश दलालों की असलियत को नंगा कर दिया है, जो किताबों, एडमिशन और सिस्टम के नाम पर 50 से 80% कमीशन खाकर बच्चों के भविष्य की बोली लगा रहे थे।”
यह तो तय था कि सच सामने आएगा तो कमीशन खोर सफेद पोशो का सिंहासन तो हिलेगा…
लेकिन यहाँ तो हालत ये हो गई कि कमीशनखोरों द्वारा सिंहासन बचाने के लिए “खाकी का नकली नकाब” पहन लिया गया!
कमीशनखोरों की बेशर्मी अब खाकी के पीछे छुपकर वार
कमीशन की मलाई खाने वाले इन तथाकथित “शिक्षा के ठेकेदारों” की बेशर्मी अब अपने चरम पर है। स्टिंग से बौखलाए ये लोग अब सीधे धमकी पर उतर आए हैं, वो भी “फर्जी पुलिसवाले” बनकर! पता लगा रहे हैं कि स्टिंग करने वाले पत्रकारों ने कब कब कहां क्या किया था एक तरफ राजस्थान पुलिस का ध्येय वाक्य “आमजन में विश्वास” की बात करता है… और दूसरी तरफ, कुछ कमीशनखोर उसी खाकी की आड़ लेकर पत्रकारों को डराने की कोशिश कर रहे हैं।
ये सिर्फ एक धमकी नहीं है, ये कानून, पत्रकारिता और सिस्टम तीनों पर सीधा हमला है।
फर्जी कांस्टेबल बनकर दी धमकी—रिकॉर्डिंग मौजूद
जनमानस शेखावाटी के चीफ जर्नलिस्ट आबिद खान दाडून्दा को एक कॉल आता है, कॉलर खुद को “राजस्थान पुलिस का कांस्टेबल” बताता है। नाम बताया जाता है—ऋषभ, थाना—खेतड़ी, जिला झुंझुनूं, मोबाइल नंबर +91 9462857249। इस कॉल की रिकॉर्डिंग जनमानस शेखावाटी के हेड ऑफिस में सुरक्षित मौजूद है।
क्या ये धमकी सिर्फ एक व्यक्ति की हरकत है…?
या इसके पीछे कमीशनखोरों का पूरा नेटवर्क काम कर रहा है…?
आखिर इतनी हिम्मत आई कहाँ से कि कोई खुलेआम पुलिस वाला बनकर मीडिया को धमकाए…?
ये सिर्फ धमकी नहीं पुलिस के सिस्टम को चुनौती है
अगर कोई व्यक्ति खुलेआम पुलिस का नाम लेकर पत्रकार को डराता है,
तो ये सिर्फ एक अपराध नहीं ये राजस्थान पुलिस की साख पर सीधा प्रहार है।
ये उन ईमानदार पुलिसकर्मियों का भी अपमान है, जो दिन-रात कानून व्यवस्था बनाए रखने में लगे हैं।
जनमानस शेखावाटी की सीधी अपील अब कार्रवाई हो, दिखावा नहीं
जनमानस शेखावाटी झुंझुनूं जिले के पुलिस अधीक्षक से स्पष्ट और कड़े शब्दों में मांग करता है:
इस मामले में जनमानस शेखावाटी के हेड ऑफिस से साक्ष्य प्राप्त कर तुरंत FIR दर्ज की जाए
आरोपी की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए
“फर्जी पुलिस बनकर धमकाने” जैसे गंभीर अपराध पर उदाहरण पेश किया जाए
क्योंकि अगर इस पर कार्रवाई नहीं होती…
तो ये मानने में देर नहीं लगेगी कि
कहीं न कहीं कुछ “खाकी” के लोगो और कमीशनखोरी” के बीच कोई अदृश्य रिश्ता पल रहा है।
जल्द आएगा शिक्षा का ‘ब्लैक मार्केट पार्ट – 2’
जनमानस शेखावाटी साफ शब्दों में चेतावनी देता है ये तो बस शुरुआत थी…
“शिक्षा का ब्लैक मार्केट – पार्ट 2”
जल्द ही सामने आएगा… और इस बार खुलासे और भी बड़े होंगे क्योंकि शिक्षा के मंदिर में बैठे इन दलालों की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि, सच्चाई जानकर रूह कांप उठेगी। कलम अभी रुकी नहीं है… और सच अभी थमा नहीं है… जो लोग बच्चों के भविष्य पर कमीशन की बोली लगा रहे है।
अब उनकी हर चाल, हर चेहरा और हर साजिश, जनता के सामने लाई जाएगी। कमीशनखोर याद रखे
जनमानस शेखावाटी न झुका है, न झुकेगा। सच को बेनकाब यूं ही करता रहेगा
: आजाद अहमद खान, चीफ एडिटर, जनमानस शेखावाटी न्यूज़
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