फतेहपुर में बिजली विभाग की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त: ऑन-ड्यूटी लाइनमैन किसकी इजाजत से गए थे बैंक?
सरकारी गाड़ी, निजी काम और लाइनमैन साथ...रोलसाबसर AEN कार्यालय की कैम्पर पलटने के बाद बयानों में उलझा विभाग, उठे गंभीर सवाल!
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : आबिद खान
फतेहपुर : एक तरफ विद्युत विभाग बेहतर सुरक्षा और चुस्त-दुरुस्त सेवाओं के बड़े-बड़े दावे करता है, वहीं दूसरी तरफ विभाग से जुड़ी गाड़ियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ताजा मामला सीकर के रोलसाबसर सहायक अभियंता कार्यालय से सामने आया है, जहाँ बुधवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोलसाबसर सहायक अभियंता कार्यालय की एक कैम्पर गाड़ी बुधवार को फतेहपुर से रोलसाबसर की तरफ जाते समय अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। गाड़ी में चालक लोकेंद्र उर्फ लकी के साथ एक लाइनमैन—अनिल सवार थे। गनीमत यह रही कि दोनो को गंभीर चोटें नहीं आईं और वे सुरक्षित हैं।

नीलगाय बनी हादसे की वजह, लेकिन चर्चा में कुछ और ही!
चालक लोकेंद्र उर्फ लकी के मुताबिक, अचानक सड़क पर नीलगाय सामने आ जाने के कारण गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद दोनो को ऑफिस से रत्न लाल और प्रकाश निजी वाहन से धानुका अस्पताल लेके गए , जहाँ डॉक्टरों के अनुसार चालक लकी को कंधे पर हल्की अंदरूनी चोट आई है।
दुर्घटना स्थल पर मिली बोतलें और सैंडल, उठे सवाल
जनमानस शेखावाटी न्यूज की टीम जब ग्राउंड जीरो यानी दुर्घटना स्थल पर पहुंची, तो वहाँ किंगफिशर (शराब) की एक बोतल और छोटे बच्चे की ब्राउन रंग की सैंडल पड़ी मिली। और कई ग्लास के टुकड़े भी मिले तथा सीशों को ब्लेक करने वाले पर्दे भी मिले, हालांकि, बोतल देखने में पुरानी लग रही थी, इसलिए हमारी टीम इस बात की पुष्टि बिलकुल नहीं करती कि यह बोतल दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी से ही गिरी हो मगर मौके पर जरूर पड़ी थी। मगर, स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं के अनुसार, गाड़ी में सवार लोग कथित तौर पर कहीं पार्टी करके लौट रहे थे।


इस दावे को चालक लकी ने पूरी तरह खारिज किया है। लकी का कहना है कि उन्होंने दोपहर का खाना एक होटल में खाया जरूर था और वे किसी पार्टी से नहीं आ रहे थे। वे अपने निजी सोलर कनेक्शन के लिए बैंक के काम से एसबीआई बैंक गए थे
सरकारी वाहन का ‘निजी उपयोग’? खड़े हुए सवाल:
चालक लकी के बयान ने ही अब इस पूरे मामले में विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चालक के अनुसार, वे “अपने निजी सोलर कनेक्शन की फाइल के लिए बैंक के काम से गए थे।”
इस स्वीकारोक्ति के बाद अब ये तीखे सवाल उठना लाजमी हैं:
निजी काम के लिए सरकारी गाड़ी क्यों? जब सहायक अभियंता कार्यालय का वाहन केवल विभागीय और सरकारी कार्यों के लिए अधिकृत है, तो किसी कर्मचारी के निजी सोलर कनेक्शन की फाइल के लिए बैंक जाने में इसका इस्तेमाल क्यों.? और किसकी अनुमति से किया जा रहा था?
ड्यूटी छोड़कर लाइनमैन क्यों गए साथ?
फील्ड में बिजली आपूर्ति और फॉल्ट सुधारने के लिए जिम्मेदार लाइनमैन अनिल चालक के निजी काम के लिए उसके साथ बैंक क्यों गए थे? क्या वे ऑन-ड्यूटी थे या ऑफ-ड्यूटी?
लापरवाही या मिलीभगत?
क्या इस पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को थी, या उनकी नाक के नीचे सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग निजी कामों के लिए हो रहा हैं?
अधिकारियों का पक्ष:
”मुझे अभी-अभी सूचना मिली है कि ऑफिस वाली गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया है। पता चला है कि सामने से नीलगाय आ गई थी। वे किसी ऑफिस के काम से ही फतेहपुर गए हुए थे। मैं उस वक्त गाड़ी में मौजूद नहीं था।” – प्रभु दयाल, सहायक अभियंता (AEN), रोलसाबसर (सीकर)
जब इस मामले की और अधिक जानकारी और पक्ष जान ने के लिए हमारी टीम ने जब अधीक्षण अभियंता सुभाष देवंदा को कॉल किया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
एक तरफ जहाँ एईएन प्रभु दयाल इसे विभागीय काम बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गाड़ी के चालक का बयान इसके विपरीत ‘निजी काम’ की ओर इशारा कर रहा है। बयानों में यह विरोधाभास साफ तौर पर दर्शाता है कि मामले में कुछ न कुछ छिपाने की कोशिश की जा रही है। अब देखना यह होगा कि क्या उच्च अधिकारी इस ‘निजी दौरे’ और सरकारी वाहन के कथित दुरुपयोग पर कोई निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई करते हैं या मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा।
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