सीकर में रोडवेज कर्मचारियों का प्रदर्शन, 1 घंटे हंगामा:सरकार और रोडवेज मैनेजमेंट के खिलाफ नारे लगाए, 14 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा
सीकर में रोडवेज कर्मचारियों का प्रदर्शन, 1 घंटे हंगामा:सरकार और रोडवेज मैनेजमेंट के खिलाफ नारे लगाए, 14 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा
सीकर : सीकर रोडवेज डिपो में आज रोडवेज कमर्चारियों ने 13000 कार्मिकों की भर्ती करने और कंडक्टरों का 5 महीने से अटका वेतन रिलीज करने समेत 14 सूत्रीय मांगों को लेकर 1 घंटे तक नारेबाजी की। राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी फैडरेशन के नेतृत्व में भारतीय मजदूर संघ व भारतीय मजदूर परिवहन महासंघ सीकर डिपो के कर्मचारियों ने बैठक कर विभिन्न मांगों को लेकर आज रोडवेज निगम प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।


विरोध-प्रदर्शन के बाद रोडवेज कार्मिकों ने सीकर रोडवेज प्रबंधक को 14 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। कर्मचारी यूनियन के राजकुमार भास्कर समेत सभी वक्ताओं ने रोडवेज का प्राइवेटाइजेशन बंद करने की बात करते हुए रोडवेज बसों को कम कर अनुबंधित बसों को ज्यादा चलाने का आरोप लगाया और जयपुर में सिंधी कैंप के बाहर अवैध वाहनों को हटाने की मांग रखी। कर्मचारी नेताओं ने अवैध रूप से चल रहे वाहनों से हो रही अवैध वसूली के आरोप भी लगाए।
कर्मचारी यूनियन के वक्ताओं ने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों से रोजाना कई घंटे तक ड्यूटी ली जा रही है, जबकि अधिकारियों के नजदीकी कई कर्मचारियों की ड्यूटी तक नहीं लगाई जाती। कर्मचारियों ने पीछे का बकाया और ओवरटाइम का भुगतान जल्द करने की मांग रखते हुए वेतन भत्ते बढ़ाने की मांग रखी। वहीं, रोडवेज में अनुकंपा नौकरी में फर्जीवाड़ा रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि आगामी 20 अप्रैल से कर्मचारियों की मांगों को लेकर क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा।
यह है प्रमुख मांगें
- रोडवेज कर्मचारियों के साथ अनुचित श्रम अभ्यास की कार्रवाई पर तुरंत रोक लगे व उचित कार्रवाई की जाए।
- रोडवेज अनुकंपा नियुक्ति में असिस्टेंट ट्रैफिक इंस्पेक्टर की सीधी भर्ती के कई दस्तावेजों में फर्जी डिग्री या अमान्य डिग्री मामले की SOG से जांच करवाई जाए।
- रोडवेज ड्राईवर को असिस्टेंट ट्रैफिक इंस्पेक्टर पर प्रमोट करने के फैसले को लागू किया जाए।
- अनुबंधित बसों की जगह रोडवेज बसें ही ली जाएं। साथ ही निगम कर्मचारियों के 13000 खाली पदों पर भर्ती की जाए।
- रोडवेज में कार्यरत एजेंसी के मार्फत कार्यरत संविदा ड्राइवरों और बस सार्थियों को UP की तरह भर्ती किया जाए।
- 3000 किलोमीटर वाहन संचालन की आड़ में कई कर्मचारियों से काम करवाने के बाद भी 5 महीने के रोके गए वेतन को रिलीज करवाया जाए।
- वर्ष 2025 व 2026 से पेंडिंग कंडक्टरों की की डी.पी.सी. करवाई जाए।
- महिला कार्मिकों को चाईल्ड केयर लीव व पुरूष कार्मिकों को पितृत्व अवकाश दिया जाए
- 2-3 माह तक बिना वीकली ऑफ और डबल ड्यूटी रेस्ट के काम कर रहे कार्मिकाें के बोनस का बकाया भुगतान किया जाए
- राजस्थान रोडवेज में कार्यरत तकनीकी संवर्ग के कार्मिकों का चयनित वेतनमान व ग्रेड-पे में आ रही विसंगति दूर की जाए।
- निगम में कार्यरत मंत्रालयिक कर्मचारियों को राज्य सरकार के अनुरूप ही ग्रेड-पे दिया जाए और दमनात्मक कार्रवाईयां बंद की जाएं।
- रिटायर्ड कर्मचारियों के फ्री पास की संख्या बढ़ाकर 30 की जाए।
- रोडवेज सेवानिवृत कार्मियों का 70 वर्ष, 75 वर्ष व 80 वर्ष की आयु पर राज्य सरकार के अनुरूप 5 प्रतिशत, 10 प्रतिशत व 20 प्रतिशत पेंशन बढ़ोतरी के आदेश जारी किए जाए।
- कांग्रेस सरकार के समय निगम में ली गई 398+135 अनुबंधित वाहनों में भ्रष्टाचार की जांच 3 साल से पेंडिंग जांच को पूरा करवाया जाए।
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