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जोगीवाला में बिना दहेज हुई आदर्श शादी, 8 लाख रुपये तक ठुकराकर पेश की मिसाल


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जोगीवाला में बिना दहेज हुई आदर्श शादी, 8 लाख रुपये तक ठुकराकर पेश की मिसाल

जोगीवाला में बिना दहेज हुई आदर्श शादी, 8 लाख रुपये तक ठुकराकर पेश की मिसाल

जोगीवाला : गांव में संपन्न हुई एक शादी ने समाज में व्याप्त दहेज प्रथा के खिलाफ मजबूत संदेश देते हुए एक नई मिसाल पेश की है। इस्माइल खान चांदेड़ की पोती और अहमद अली की बेटी मुस्कान का विवाह तारानगर निवासी जमरदीन लंगा के पोते एवं इस्फाक के पुत्र हिदायत खान के साथ सादगीपूर्ण एवं आदर्श तरीके से संपन्न हुआ।

8 लाख रुपये भी ठुकराए, नहीं लिया कोई दहेज

विवाह समारोह के दौरान एक ऐसा क्षण आया, जिसने सभी उपस्थित लोगों को प्रभावित कर दिया। परंपरा के अनुसार जब वर पक्ष को थाली में 8 लाख रुपये भेंट स्वरूप दिए गए, तो उन्होंने इसे लेने से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, वर पक्ष ने किसी भी प्रकार की ज्वेलरी, फर्नीचर या अन्य उपहार भी स्वीकार नहीं किए। यह निर्णय केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि समाज में फैली दहेज जैसी कुरीति के खिलाफ एक सशक्त संदेश था।

“दुल्हन ही सबसे बड़ा सम्मान” का दिया संदेश

इस विवाह में वर पक्ष ने स्पष्ट रूप से यह दर्शाया कि उनके लिए दुल्हन ही सबसे बड़ा सम्मान और उपहार है। उन्होंने बिना किसी लालच और अपेक्षा के विवाह कर यह साबित किया कि रिश्ते प्रेम, विश्वास और सम्मान पर आधारित होने चाहिए, न कि लेन-देन पर।

ग्रामीणों ने की सराहना

शादी में उपस्थित ग्रामीणों, रिश्तेदारों और गणमान्य लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की। सभी ने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण ही सामाजिक बदलाव की नींव रखते हैं।

दहेज प्रथा के खिलाफ मजबूत संदेश

आज भी कई स्थानों पर दहेज प्रथा समाज पर बोझ बनी हुई है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को आर्थिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जोगीवाला में हुई यह शादी एक सकारात्मक बदलाव की ओर संकेत करती है।

युवाओं के लिए प्रेरणा

यह विवाह खासतौर पर युवाओं के लिए एक प्रेरणा बनकर सामने आया है। इससे यह संदेश मिलता है कि यदि युवा पीढ़ी ठान ले, तो समाज की पुरानी कुरीतियों को खत्म किया जा सकता है।

सादगीपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ विवाह

पूरे विवाह समारोह में सादगी और पारंपरिक रीति-रिवाजों का समावेश देखने को मिला। बिना किसी दिखावे और फिजूल खर्च के यह शादी शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।

इस तरह जोगीवाला में संपन्न यह विवाह न केवल एक पारिवारिक आयोजन रहा, बल्कि सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बनकर उभरा, जिसने यह साबित कर दिया कि सही सोच और दृढ़ संकल्प से समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।

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