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बालाजी धाम में संत हनुमानदास की चादरपोशी:संत रामदास की सत्रहवीं पर किया गया समागम, देशभर से आए संत


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बालाजी धाम में संत हनुमानदास की चादरपोशी:संत रामदास की सत्रहवीं पर किया गया समागम, देशभर से आए संत

बालाजी धाम में संत हनुमानदास की चादरपोशी:संत रामदास की सत्रहवीं पर किया गया समागम, देशभर से आए संत

चिड़ावा : चिड़ावा क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल भगवानदास जोहड़ स्थित दो जाटी बालाजी धाम में बैकुंठवासी संत रामदास महाराज की सत्रहवीं के अवसर पर विशाल भंडारे और चादरपोशी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान संत हनुमानदास महाराज की विधिवत चादरपोशी की गई। कार्यक्रम में चिड़ावा सहित आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर श्रद्धा व्यक्त की।

सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में लोगों ने संतों का आशीर्वाद लिया। शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बनी रही।

विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

आयोजन के तहत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के कई गांवों से आए लोगों ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। चिड़ावा, श्योपुरा, भोमपुरा, सुलताना, चनाना और इस्माइलपुर सहित आसपास की ढाणियों से आए हजारों श्रद्धालु इस भंडारे में शामिल हुए।

भंडारे के दौरान सेवा कार्यों में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और जयकारों के साथ श्रद्धालु सेवा और प्रसाद वितरण में लगे रहे।

संत हनुमानदास महाराज ने चादरपोशी के बाद संतों को वस्त्र भेंट कर सम्मान किया।
संत हनुमानदास महाराज ने चादरपोशी के बाद संतों को वस्त्र भेंट कर सम्मान किया।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई चादरपोशी

भंडारे के बाद चादरपोशी का मुख्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। परमहंस पंडित गणेश नारायण आध्यात्मिक केंद्र के अधिष्ठाता आचार्य पंडित मुकेश पुजारी के सान्निध्य में पंडित पुनीत शर्मा ने विधि-विधान के साथ पूजन कराया।

इसके बाद संतों और ग्रामीणों की उपस्थिति में बैकुंठवासी संत रामदास महाराज के गुरुभाई संत हनुमानदास महाराज की चादरपोशी की गई। पारंपरिक परंपरा के अनुसार सबसे पहले ग्रामीणों ने चादर ओढ़ाई और उसके बाद संतों ने चादर अर्पित कर आशीर्वाद प्रदान किया।

इस धार्मिक आयोजन में देश के विभिन्न आश्रमों से संतों ने भाग लिया। कार्यक्रम में दयालदास, श्यामदास, रविंद्रदास, बाबूदास, गोवर्धन वृंदावन, रामचरणदास, पुजारी बाबा, रतिराम महाराज, राधेनाथ, राधाशरणदास, बिहारीदास, धुनेदास महाराज, सुधारनाथ भिवानी, चेतनपुरी, शिवशरण स्वामी माखर, ओमनाथ महाराज (सुलताना का बास), गोकर्णदास, सुदर्शनदास, रामलखनदास लोहार्गल, बालमुकुंददास महाराज, गोविंददास महाराज (महरौली), केशवरामदास महाराज, रघुनाथदास महाराज (खाटूधाम) और प्रेमदास सहित अनेक संत उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में पूर्व पालिकाध्यक्ष ओमप्रकाश बसवाला, प्रदीप पुजारी, राममूर्तिदास, संजय दाधीच, सांवरमल वेद, गुलज़ारीलाल और राजू भगत सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

इसके अलावा अजय बागड़ी, अशोक जोशी, अनिल जोशी, चंद्रप्रकाश जोशी, शक्ति भारद्वाज, जयराम स्वामी, रमेश स्वामी, रोशन स्वामी, कुलदीप भगेरिया, नवीश शर्मा, रवि भारतीय, संजय स्वामी, शशांक शर्मा, उत्तम शर्मा, पवन योगी, प्रकाश निर्मल, पुनीत शर्मा, पवन जांगिड़, सुमित तामडायत, शंकरलाल, विक्रांत जाखड़, अजय गोदारा, प्रहलाद पहलवान, कर्ण सिंह डांगी, चंद्रपाल गोदारा, विजय सिंह गोदारा, नेमसिंह डांगी, नरेश डांगी, श्रवण सैनी, प्रताप गोदारा, रामनारायण डांगी, मास्टर रामलाल स्वामी, बालकृष्ण शर्मा और सुनील ककरानिया सहित हजारों श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

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