बीडीके अस्पताल में मेंटरिंग विजिट एवं आरसीएच समन्वय समिति की बैठक आयोजित
एफसीएम इंजेक्शन, शिशु एवं मातृ मृत्यु दर पर विस्तृत समीक्षा
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : चंद्रकांत बंका
झुंझुनूं : जिले के सबसे बड़े राजकीय भगवानदास खेतान अस्पताल में एसएनसीयू मेंटरिंग विजिट तथा आरसीएच (RCH) समन्वय समिति की बैठक आयोजित कर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा एवं बिंदुवार विश्लेषण किया गया।
मेंटरिंग विजिट के तहत एसके अस्पताल के सहायक आचार्य डॉ. विवेक अठवानी एवं वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी अजय शेखावत ने अस्पताल की ओपीडी, आईपीडी, एसएनसीयू (नवजात शिशु इकाई), ऑपरेशन थिएटर सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान एसओपी (Standard Operating Procedures) की पालना, उपकरणों की स्थिति, भर्ती एवं रेफर मरीजों की संख्या, तथा नर्सिंग स्टाफ की कार्यप्रणाली की विस्तार से जांच की गई।
अस्पताल में 12 शिशु रोग विशेषज्ञ, 8 रेजीडेंट चिकित्सक एवं प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ द्वारा की जा रही सतत मॉनिटरिंग से गंभीर मरीजों के उपचार में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मेंटरिंग टीम ने विशेष रूप से नवजात शिशु इकाई (SNCU) के उच्च स्तर की सराहना की।
आरसीएच समन्वय समिति की बैठक में पीएमओ डॉ. जितेंद्र भाम्बू, आरसीएचओ डॉ. डी.एन. सिंह, आरएमओ डॉ. सिद्धार्थ शर्मा एवं डॉ. विजय झाझड़िया ने विभिन्न योजनाओं और स्वास्थ्य सूचकांकों पर रिपोर्ट प्रस्तुत की।
आरसीएचओ डॉ. डी.एन. सिंह ने एएनसी/पीएनसी के दौरान एनीमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं को एफसीएम इंजेक्शन लगाने के निर्देश दिए। साथ ही लाडो योजना एवं जननी सुरक्षा योजना के शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने तथा एएनसी में आधार आधारित केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
पीएमओ डॉ. जितेंद्र भाम्बू ने बताया कि बीडीके अस्पताल में जटिल प्रसव के मामलों में वृद्धि हुई है, जबकि मातृ मृत्यु दर शून्य रही है। साथ ही शिशु मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय कमी आई है, जो बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का संकेत है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार अब प्रत्येक नवजात शिशु की जांच शिशु रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ और ईएनटी विशेषज्ञ द्वारा अनिवार्य रूप से की जाएगी तथा इसका रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा।
बैठक के दौरान डॉ. सिद्धार्थ शर्मा, डॉ. विजय झाझड़िया, डॉ. वी.डी. बाजियां, डॉ. राजेश कुमार डूडी, डॉ. सुरेश मील, डॉ. नेमीचंद कुमावत, डॉ. नयन झाझड़िया, डॉ. प्रियंका शेखसरिया, डॉ. मनीषा चौधरी, डॉ. आकांक्षा गौड़, प्रदीप ऐचरा, सुमन मीणा, संतोष, सीमा सहित अनेक चिकित्सक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
समग्र रूप से यह बैठक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई।
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