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पलसाना सीएचसी में मोर्चरी नहीं:कीचड़ और पानी में रखना पड़ रहा शव, खंडहर में पोस्टमार्टम, पिछले साल की घोषणा अधूरी


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पलसाना सीएचसी में मोर्चरी नहीं:कीचड़ और पानी में रखना पड़ रहा शव, खंडहर में पोस्टमार्टम, पिछले साल की घोषणा अधूरी

पलसाना सीएचसी में मोर्चरी नहीं:कीचड़ और पानी में रखना पड़ रहा शव, खंडहर में पोस्टमार्टम, पिछले साल की घोषणा अधूरी

पलसाना : पलसाना सीएचसी में मोर्चरी का अभाव है। इसके कारण पोस्टमार्टम के लिए लाए गए शवों को अव्यवस्थित तरीके में रखा जा रहा है। अस्पताल परिसर में एक जर्जर और खंडहरनुमा कमरे का उपयोग शवों को रखने के लिए किया जाता है। यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। बरसात के दिनों में कमरे में पानी भर जाता है, जिससे शवों को पानी और कीचड़ के बीच रखना पड़ता है।

कीचड़ और पानी में करना पड़ा पोस्टमार्टम

हाल ही में रानोली पुलिस एक शव पोस्टमार्टम के लिए पलसाना सीएचसी लेकर पहुंची थी। शव को पानी भरे कमरे में रखा गया, जहां डॉक्टरों को कीचड़ और पानी के बीच ही पोस्टमार्टम करना पड़ा।

शव को कुतर जाते हैं चूहे

पूर्व में भी ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं। एक बार चूहों ने शव की अंगुलियों को कुतर दिया था। एक अन्य मामले में रातभर बारिश का पानी भरने से सुबह शव पानी में तैरता हुआ मिला था।

प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष पलसाना, जीणमाता और रानोली सीएचसी में मोर्चरी निर्माण की घोषणा की थी। हालांकि, एक साल बीत जाने के बाद भी इन स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मोर्चरी का निर्माण कराने की मांग की है।

पलसाना सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश जांगिड़ ने बताया कि अस्पताल में मोर्चरी नहीं होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले साल सरकार ने पलसाना अस्पताल में मोर्चरी बनाने की घोषणा की थी और इसके लिए बजट भी स्वीकृत हो चुका है। आवश्यक कागजात भेजे जा चुके हैं और शीघ्र ही टेंडर होने की उम्मीद है, जिसके बाद मोर्चरी का काम शुरू हो जाएगा।

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