सीकर में ग्राम विकास अधिकारियों का विरोध-प्रदर्शन:बोले- प्रमोशन नहीं तो काम नहीं; सामूहिक अवकाश पर जाने की दी चेतावनी
सीकर में ग्राम विकास अधिकारियों का विरोध-प्रदर्शन:बोले- प्रमोशन नहीं तो काम नहीं; सामूहिक अवकाश पर जाने की दी चेतावनी
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत
सीकर : सीकर में आज ग्राम विकास अधिकारियों ने 3 सूत्री मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में विरोध-प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ की सीकर विंग के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को सीएम, पंचायती राज मंत्री, चीफ सेक्रेटरी और विभागीय कमिश्नर के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि कार्य बहिष्कार के बाद अब ग्राम विकास अधिकारी सामूहिक अवकाश पर जाने की तैयारी में हैं।
3 सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग
संघ के सीकर जिलाध्यक्ष भागीरथ सहारण ने कहा कि आज प्रमोशन में पेंडेंसी और बिना नियम हो रही ग्राम सभाओं के विरोध में ज्ञापन दिया गया है। इसके बाद 8 अप्रैल को जयपुर स्थित सीएम आवास का घेराव किया जाएगा। सरकार संवाद नहीं करना चाहती और बार-बार बहानेबाजी कर रही है।
ऐसे में अब पूरे प्रदेश के ग्राम विकास अधिकारी आंदोलन की तैयारी में हैं। कलेक्टर को ज्ञापन देकर 3 सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग की गई है, इसके बाद राज्यस्तरीय आंदोलन किया जाएगा। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि 6 सालों से पेंडिंग प्रमोशन और कैडर स्ट्रेंथन जैसी 11 सूत्री मांगों की अनदेखी से नाराज राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ ने ‘पदोन्नति नहीं तो काम नहीं’ आंदोलन को शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि संगठन ने पिछले साल 8 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वजह से ग्राम विकास अधिकारियों ने आंदोलन को स्थगित कर दिया था। कर्मचारियों का आरोप है कि शासन सचिव और आयुक्त के साथ 25 अगस्त 2025 को हुई बैठक में सहमति बनने के बावजूद अब तक धरातल पर कोई प्रभावी निर्णय नहीं हुए हैं।
ये हैं 3 मुख्य मांग
- पिछले 6 सालों से पेंडिंग ग्राम विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, अतिरिक्त विकास अधिकारी और विकास अधिकारी के पदों पर तुरंत प्रमोशन किए जाएं।
- बजट घोषणा संख्या 97 (2) की पालना करते हुए पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन के अनुपात में कैडर को मजबूती दी जाए।
- ग्राम विकास अधिकारियों की पेंडिंग 11 सूत्री मांगों का सकारात्मक निस्तारण हो।
ग्राम विकास अधिकारी संघ ने चेतावनी दी है कि आगामी 7 दिनों के भीतर मांगों पर ठोस और पॉजिटिव डिसीजन नहीं हुआ तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। जब तक प्रमोशन के आदेश जारी नहीं होते, तब तक काम पर नहीं लौटेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर इस आंदोलन का सीधा असर पड़ेगा।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19








Total views : 2072084
