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राजस्थान में पार्टियों के चंदे का खेल:10 दलों ने 4 साल में 255 करोड़ रुपए चंदा लिया, 1 ने ही प्रत्याशी उतारा


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राजस्थान में पार्टियों के चंदे का खेल:10 दलों ने 4 साल में 255 करोड़ रुपए चंदा लिया, 1 ने ही प्रत्याशी उतारा

राजस्थान में पार्टियों के चंदे का खेल:10 दलों ने 4 साल में 255 करोड़ रुपए चंदा लिया, 1 ने ही प्रत्याशी उतारा

सीकर : राजस्थान में सिर्फ चंदा जुटाने के लिए पार्टियां बनाई जा रही हैं। अप्रैल 2021 से मार्च 2025 तक चार साल में प्रदेश से जुड़ी 10 पार्टियों ने चुनाव के नाम पर 255 करोड़ रु. का डोनेशन व आर्थिक सहयोग लिया। चुनाव प्रचार और ऑफिस खर्च आदि के नाम पर 252 करोड़ का खर्च भी दिखा दिया। इनमें से सिर्फ भारतीय गरीब विकास कल्याण पार्टी ने पिछले लोकसभा चुनाव में एक उम्मीदवार उतारा। उसकी जमानत नहीं बच पाई थी।

हमारी पड़ताल में सामने आया कि ऐसी पार्टियां निर्वाचन आयोग को गलत हिसाब देकर घोटाला कर रही हैं। उदाहरण के लिए गरीब विकास कल्याण पार्टी ने कार्यालय के नाम पर 5 करोड़ रु. का खर्चा बताया है, जबकि हकीकत में उसका ऑफिस मात्र 4 हजार रु. किराए की दुकान में चल रहा है। पार्टी ने लोकसभा चुनाव में मीडिया विज्ञापन पर 18.19 करोड़ खर्च का हिसाब दिया है। भास्कर ने जब पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा का इस मद का खर्चा देखा, तो सामने आया कि उसने प्रदेश की सभी 25 सीटों पर सिर्फ 4.74 करोड़ खर्च किए।

केस 1- 210 करोड़ रुपए 1 ही पार्टी को मिले… जिसका ऑफिस दुकान में

भारतीय गरीब विकास कल्याण पार्टी को 210 करोड़ रु. का चंदा मिला, लेकिन 207 करोड़ का खर्चा बताया। इसका हेड ऑफिस भीलवाड़ा के गुलाबपुरा में रेफरल अस्पताल के सामने 10×8 फीट की किराये की दुकान में है।

रिपोर्टर मौके पर पहुंचा, तो ऑफिस में 4 कुर्सियां, लोहे की 1 रैक व काउंटर लगा था। दुकान के मालिक रामधन जाट ने बताया कि पार्टी ने 2023 में चार हजार रु. प्रति माह किराये पर ये दुकान ली थी, लेकिन 10 माह से किराया बकाया है। पार्टी ने निर्वाचन आयोग में इस ऑफिस खर्च के नाम पर 5.05 करोड़ रु., किराए व टैक्स पर 1.34 करोड़ रु. का खर्च दिखाया है।

106 करोड़ रुपए खर्च किए

रजिस्ट्रेशन 2024 में हुआ। भोजाराम राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। पार्टी ने 2024 लोस चुनाव में भीलवाड़ा से विजय सोनी को उतारा। 1.64 लाख रु. खर्च किए। 1,347 वोट मिले। जमानत जब्त हो गई। 31 मार्च 2025 को चुनाव-पार्टी कार्यक्रमों पर 106 करोड़ खर्च बताया।

केस 2 – लोक सेवक पार्टी ने चुनाव लड़े बिना 4.40 करोड़ रुपए खर्च बताया राष्ट्रीय लोक सेवक पार्टी ने रैली-सभा पर 4.40 करोड़, झंडे-बैनर पर 32 लाख और प्रचार पर 10 लाख रुपए का खर्च बताया है, लेकिन उसने प्रदेश में एक भी उम्मीदवार नहीं उतारा। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में हनुमानगढ़ के भादरा में साहवा बस स्टैंड पर पार्टी का ऑफिस बताया गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां पार्टी का कोई कार्यालय नहीं हैं। कार्यकारी अध्यक्ष चैनसिंह हैं। पार्टी ने 2021 से 2024 तक 8.87 करोड़ डोनेशन में लिए।

केस 3 – आत्मनिर्भर पार्टी ने भी प्रत्याशी उतारे बिना प्रचार खर्च गिनाया

नवयुवक आत्मनिर्भर पार्टी ने 4 साल में 19 करोड़ चंदा लिया, पर चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन 15.66 करोड़ रुपए जरूरतमंद लोगों को अनाज बांटने पर खर्च करना बताया। बैनर-फ्लैक्स पर 2.56 लाख और मीटिंग पर 7.42 लाख का खर्चा दिखाया। रिपोर्टर जब पार्टी के 213, रेलवे ऑफिसर कॉलोनी कनकपुरा-जयपुर ऑफिस पहुंचा, तो 10X8 फीट की दुकान किराये पर लेकर खोला गया ऑफिस मिला। रणजीतसिंह पार्टी के अध्यक्ष हैं।

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