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मानोता जाटान-चिड़ासन सड़क जर्जर, 11 साल से पेचवर्क नहीं:गड्ढों से परेशान वाहन ड्राइवर परेशान, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी


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मानोता जाटान-चिड़ासन सड़क जर्जर, 11 साल से पेचवर्क नहीं:गड्ढों से परेशान वाहन ड्राइवर परेशान, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

मानोता जाटान-चिड़ासन सड़क जर्जर, 11 साल से पेचवर्क नहीं:गड्ढों से परेशान वाहन ड्राइवर परेशान, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

खेतड़ी : खेतड़ी क्षेत्र के मानोता जाटान को चिड़ासन से जोड़ने वाली सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। सड़क जगह-जगह टूटकर गहरे गड्ढों में बदल गई है, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, इस सड़क का निर्माण नवंबर 2014 में किया गया था। निर्माण के बाद से पिछले 11 वर्षों में इसकी मरम्मत या पेचवर्क एक बार भी नहीं कराया गया है। लगातार अनदेखी के कारण सड़क की स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती गई है।

सड़क पर बने गड्ढों के कारण वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है। वाहनों के आवागमन से हर समय धूल का गुबार उड़ता रहता है, जिससे आसपास के लोगों और राहगीरों को भी काफी परेशानी होती है। यह सड़क क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है, क्योंकि इसी रास्ते से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग झुंझुनूं और सिंघाना के लिए आवागमन करते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के पुनर्निर्माण को लेकर सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया गया है। हालांकि, विभाग की अनदेखी के कारण पिछले दो वर्षों से यह समस्या जस की तस बनी हुई है और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

ग्रामीण सुभाष योगी, विकास ढाका, विजेंद्र, भवर और राजेंद्र ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में कई बार विभाग से सड़क के पुनर्निर्माण की मांग की जा चुकी है। वहीं, अखबार वितरण करने वाले ग्रामीण लीलू सिंह ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि सड़क के गड्ढों के कारण लगातार झटके लगने से उनकी रीढ़ की हड्डी में दर्द रहने लगा है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सार्वजनिक निर्माण विभाग ने जल्द ही इस जर्जर सड़क की सुध नहीं ली और मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया, तो वे मजबूरन विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

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