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बैरासर में पेड़ों के नीचे पढ़ने को मजबूर 124 छात्र:स्कूल भवन तोड़ा, एक कमरे का नया भवन बनाया; 9 में से सिर्फ 5 टीचर ही कार्यरत


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बैरासर में पेड़ों के नीचे पढ़ने को मजबूर 124 छात्र:स्कूल भवन तोड़ा, एक कमरे का नया भवन बनाया; 9 में से सिर्फ 5 टीचर ही कार्यरत

बैरासर में पेड़ों के नीचे पढ़ने को मजबूर 124 छात्र:स्कूल भवन तोड़ा, एक कमरे का नया भवन बनाया; 9 में से सिर्फ 5 टीचर ही कार्यरत

बैरासर : बैरासर गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में भवन और स्टाफ की कमी के कारण विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल का पुराना भवन तोड़ दिया गया है, लेकिन नया नहीं बना। ऐसे में 124 विद्यार्थी एक कमरे में या पेड़ों के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं।

स्कूल परिसर में बना करीब साठ साल पुराना आठ कमरों का भवन पिछले साल 31 जुलाई को अनुपयोगी घोषित कर दिया गया था। इसके बाद 25 सितंबर को इसे पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। वर्तमान में स्कूल केवल एक कमरे के सहारे संचालित हो रहा है, जिसे एक साल पहले सांसद निधि से बनवाया गया था।

हेतराम दुसाद ने बताया कि भवन ध्वस्त होने के बाद बारिश के मौसम में विद्यार्थियों को गांव के एक भामाशाह के भवन में पढ़ाया जा रहा था। हालांकि चार महीने बाद भामाशाह ने अपने मकान का उपयोग स्वयं के लिए करना शुरू कर दिया, जिसके बाद से विद्यार्थी स्कूल परिसर में बाहर खुले में दरी-पट्टी बिछाकर पेड़ों के नीचे पढ़ाई कर रहे हैं।

प्रशासक प्रतिनिधि डॉ. रामेश्वर लाल दूसाद ने जानकारी दी कि स्कूल के लिए नए भवन और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर विभागीय अधिकारियों और मंत्री तक को कई बार ज्ञापन भेजे जा चुके हैं। स्कूल की चारदीवारी भी जर्जर होने के कारण तोड़ दी गई है, जिससे निराश्रित पशु परिसर में घूमते रहते हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती है और दुर्घटनाओं का भी डर बना रहता है।

स्कूल में वर्तमान में 70 छात्राओं सहित कुल 124 विद्यार्थी नामांकित हैं और आठ कक्षाएं संचालित होती हैं। पहली से पांचवीं तक 73 और छठी से आठवीं तक 51 विद्यार्थी हैं। स्कूल में स्टाफ के कुल नौ पद स्वीकृत हैं, जिनमें से केवल पांच अध्यापक ही कार्यरत हैं। सीनियर अध्यापक (सामाजिक विज्ञान), लेवल-टू (हिंदी, अंग्रेजी) और लेवल-वन का एक पद खाली है।

पीआईईओ सुभाष चंद्र ने बताया कि स्कूल में भवन की कमी के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। बजट उपलब्ध होने पर नए भवन का निर्माण करवाया जाएगा।

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