निर्झरा धाम में भक्ति का शंखनाद: 108 कुंडीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का कलश यात्रा के साथ भव्य आगाज़
भक्ति का महाकुंभ: निर्झरा धाम में गूंजा लक्ष्मी-नारायण का जयघोष, 108 कुंडीय महायज्ञ का भव्य आगाज़
उदयपुरवाटी : विधानसभा क्षेत्र की तपोभूमि अब मंत्रों की गूंज और आहुतियों की सुगंध से महकने लगी है। राणासर स्थित निर्झरा धाम में रविवार को एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक अध्याय की शुरुआत हुई। नागौर के बल्डाधाम से पधारे -यज्ञ चक्रवर्ती सम्राट- सीताराम दास महाराज के पावन सानिध्य में 108 कुंडीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ। महिलाओं की शोभायात्रा सराय स्थित सुंदरदास महाराज मंदिर से जब 1100 से अधिक सौभाग्यवती महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर प्रस्थान किया, तो पूरा मार्ग जय श्री नारायण के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते श्रद्धालुओं के उत्साह ने इस यात्रा को एक उत्सव में बदल दिया। मुख्य मार्गों से होती हुई यह यात्रा निर्झरा धाम आश्रम पहुंची। जहां यज्ञशाला में विधि-विधान से कलश स्थापित किए गए। इस महायज्ञ की सबसे बड़ी विशेषता इसके संरक्षक सीताराम दास महाराज हैं।

मदनलाल भांवरिया ने बताया कि महाराज ने अब तक देश के कोने-कोने महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, जगन्नाथपुरी और द्वारकाधीश में 105 महायज्ञ संपन्न करा चुके हैं। निर्झरा धाम में हो रहा यह 106 वां महायज्ञ न केवल क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए है, बल्कि इसे विश्व शांति और लोक कल्याण के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। यज्ञाचार्य चिरंजीव शास्त्री एवं संजय शास्त्री के निर्देशन में पहले दिन दश विद्य स्नान, प्रायश्चित हवन और मंडप प्रवेश की रस्में पूरी की गईं। सोमवार प्रातः देव पूजा के पश्चात अरणी मंथन प्राचीन लकड़ी के घर्षण की विधि द्वारा अग्नि प्रकट की जाएगी, जिससे यज्ञ कुंडों में देव-आह्वान होगा। कार्यक्रम 9 मार्च सोमवार से 15 मार्च तक प्रतिदिन दो सत्रों सुबह 9 से 12 बजे तक व शाम 3 से 6 बजे तक यज्ञ में आहुतियां दी जाएंगी। इसके पश्चात 16 मार्च को पूर्णाहुति और महा प्रसादी की जाएगी। क्योंकि इस नौ दिवसीय अनुष्ठान का समापन 16 मार्च को दोपहर 12:15 बजे भव्य पूर्णाहुति के साथ होगा।
समापन के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है। साथ ही आयोजन में पधारे देशभर के संतों एवं विप्रजनों का विशेष अभिनंदन किया जाएगा। महोत्सव को सफल बनाने में निर्झरा धाम के महंत अवध बिहारी दास, मदनलाल भांवरिया, जयचंद रोहिलान, संजय शास्त्री, बजरंग पटेल, रामावतार गजराज, राजकुमार जाखड़, सहीराम भगत, रतनलाल शर्मा, सुरेन्द्र सिंह शेखावत सहित अन्य गणमान्य भक्तगण उपस्थित रहे।
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