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स्व. अमीलाल महला की 10वीं पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर, 143 यूनिट रक्तदान


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स्व. अमीलाल महला की 10वीं पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर, 143 यूनिट रक्तदान

स्व. अमीलाल महला की 10वीं पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर, 143 यूनिट रक्तदान

बगड़ : मानव सेवा और परोपकार की मिसाल पेश करते हुए मुरोत का बास गांव रविवार को जनसेवा के बड़े अभियान का साक्षी बना। स्वर्गीय अमीलाल महला की 10वीं पुण्यतिथि के अवसर पर यहां विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रभर के युवाओं, समाजसेवियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 143 यूनिट रक्तदान किया।

पुण्यतिथि को सेवा और समाज कल्याण से जोड़ते हुए आयोजित इस शिविर में सुबह से ही रक्तदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। युवाओं में रक्तदान को लेकर जबरदस्त उत्साह नजर आया और बड़ी संख्या में लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की सहायता का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम के आयोजक अनिल कुमार महला ने बताया कि स्वर्गीय अमीलाल महला की स्मृति को जनसेवा से जोड़ने के उद्देश्य से इस रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, ताकि अस्पतालों में जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों और युवाओं के सहयोग से शिविर ऐतिहासिक रूप से सफल रहा।

इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अतिथियों ने रक्तदाताओं की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है, क्योंकि इससे सीधे किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने युवाओं से समाजहित के ऐसे अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।

शिविर में झुंझुनूं विधायक राजेन्द्र भांबू, उदयपुरवाटी के पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी, झुंझुनूं विधानसभा क्षेत्र के विशम्भर पूनिया, जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरी तथा राजेश बाबल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

आयोजन समिति ने इस सफल आयोजन के लिए ग्रामवासियों, युवाओं, समाजसेवियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के सेवा कार्य समाज में सहयोग, संवेदना और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं। स्वर्गीय अमीलाल महला की पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज को यह सशक्त संदेश भी दे गया कि मानव जीवन की रक्षा के लिए रक्तदान से बड़ा कोई पुण्य नहीं है।

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