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आरटीआई को बना रहे फुटबॉल, शिकायत की जांच के बजाय आवेदक से ही मांग रहे सबूत


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आरटीआई को बना रहे फुटबॉल, शिकायत की जांच के बजाय आवेदक से ही मांग रहे सबूत

श्री गोपाल गौशाला में अनियमितता व गोवंश मृत्यु प्रकरण, निष्पक्ष जांच की मांग तेज

झुंझुनूं : भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से बनाए गए सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून को ही अधिकारी फुटबॉल बना रहे हैं। ताजा मामला शहर की सैकड़ों वर्ष पुरानी श्री गोपाल गौशाला से जुड़ा है, जहां अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और गोवंश की मृत्यु के मामलों को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट अशोक कुमार मोदी ने जिला कलेक्टर से जांच की मांग की थी।

जिला कलेक्टर कार्यालय द्वारा मामले की जांच के निर्देश पशुपालन विभाग को दिए गए, लेकिन विभाग ने स्वयं मौके पर जांच करने के बजाय आवेदक को ही ईमेल के माध्यम से सबूत सहित कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश जारी कर दिया। इससे सवाल खड़ा हो गया है कि जब शिकायत दर्ज हो चुकी है, तो जांच करना विभाग की जिम्मेदारी है या शिकायतकर्ता की?

आरटीआई एक्टिविस्ट अशोक कुमार मोदी का कहना है कि उन्होंने गौशाला में अनियमितताओं, गोवंश की मृत्यु के उचित निस्तारण में लापरवाही तथा कार्यकारिणी के समय पर चुनाव नहीं कराने जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करते हुए शिकायत की थी। इसके बावजूद संबंधित विभाग स्वयं जांच करने के बजाय उनसे ही साक्ष्य प्रस्तुत करने को कह रहा है, जिससे जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न हो रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को ठंडे बस्ते में डालने के उद्देश्य से जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया जा रहा है। विभागीय कार्यशैली से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की बजाय उसे संरक्षण मिलने की आशंका जताई जा रही है।

ज्ञात रहे कि कुछ समय पूर्व गौशाला में अनियमितताओं और गोवंश से जुड़े मुद्दों को लेकर गौ रक्षक दल ने धरना-प्रदर्शन भी किया था। उस दौरान पहुंचे अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर धरना समाप्त करवाया था। साथ ही पिछले पांच वर्षों से कार्यरत कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने इस्तीफा भी दिया था, लेकिन वर्तमान में वही कार्यकारिणी पुनः कार्यरत होने से विवाद और गहरा गया है।

इस घटनाक्रम के दौरान फतेहपुर स्थित बुद्धगिरी मढ़ी के महंत दिनेश गिरी ने मध्यस्थता कर समाधान का प्रयास भी किया था। बावजूद इसके अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से गौभक्तों और आमजन में आक्रोश व्याप्त है।

आरटीआई एक्टिविस्ट ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि आस्था और सनातन परंपरा की धरोहर श्री गोपाल गौशाला में कथित अनियमितताओं की जांच किसी निष्पक्ष व उच्च अधिकारी से करवाई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके।

इनका कहना है
“जिला कलेक्टर को गौशाला में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी देकर जांच की गुहार लगाई थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पशुपालन विभाग में आरटीआई के तहत सूचना मांगी गई थी, उसका जवाब देने के बजाय मुझसे ही सबूत मांगे जा रहे हैं। यदि विभाग आरटीआई के तहत मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध करवाता है, तो उन्हीं दस्तावेजों में गड़बड़ियों के प्रमाण स्वतः सामने आ जाएंगे।” – अशोक कुमार मोदी, आरटीआई एक्टिविस्ट,झुंझुनूं

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