[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

पूर्व सांसद बोले-मजदूरों के सुरक्षा-कानून खत्म करने की कोशिश:मजदूर वर्ग इसको किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़राजस्थानराज्यसीकर

पूर्व सांसद बोले-मजदूरों के सुरक्षा-कानून खत्म करने की कोशिश:मजदूर वर्ग इसको किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा

पूर्व सांसद बोले-मजदूरों के सुरक्षा-कानून खत्म करने की कोशिश:मजदूर वर्ग इसको किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत

सीकर : सीकर में पूर्व सांसद एएम करीम ने कहा कि आज पूरे देश का मजदूर वर्ग देश के सार्वजनिक उद्योगों को बचाने के लिए लड़ाई लड़ रहा है, जबकि केंद्र की मोदी सरकार सार्वजनिक उद्योगों का पूंजीपतियों के हक में प्राइवेटाइजेशन कर रही है। केंद्र सरकार प्राचीन धरोहरों को कौड़ियों के भाव लूट रही है। आजादी के बाद बने हुए कुल 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर 4 मजदूर विरोधी लेबर कोड लागू कर दिया गया।

एएम करीम ने कहा- केंद्र सरकार 1 अप्रैल से मजदूर विरोधी संहिता को लागू करने की तैयारी कर रही है, लेकिन देश का मजदूर वर्ग इसको किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा और सीटू सहित 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन सहित स्टील, कोयला, आंगनवाड़ी, मिड डे मील वर्कर, भवन निर्माण वर्कर और तमाम क्षेत्र के अखिल भारतीय फेडरेशन 12 फरवरी को देशव्यापी अखिल भारतीय हड़ताल करेंगे। एएम करीम ने सीटू के 11वें अखिल भारतीय सम्मेलन के दूसरे दिन के सत्र का उद्घाटन किया।

अमेरिकन साम्राज्यवाद की दादागिरी चल रही है दुनिया

अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक संगठन के महामंत्री और साइप्रस के पूर्व श्रम मंत्री कॉमरेड निखालिष ने कहा कि आज दुनिया में अमेरिकन साम्राज्यवाद की दादागिरी चल रही है और कोई अंतरराष्ट्रीय कानून नहीं रह गया है। जिस तरह से वेनेजुएला के चुने हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका ने गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क जेल में बंद कर दिया है, ये मानव सभ्यता के लिए बर्बरता पूर्ण कार्रवाई है, जिसका पूरी दुनिया में विरोध हो रहा है।

वर्करों के लिए बने कानून 1970 को खत्म करने की कोशिश

सीटू के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एम साईं बाबू ने कहा कि मोदी सरकार निर्माण मजदूरों के लिए बने सामाजिक सुरक्षा कानून 1996 को और माइग्रेंट वर्करों के लिए बने कानून 1970 को खत्म करने की कोशिश कर रही है। इसलिए आज मजदूरों का संगठन को मजबूत करने की जरूरत है ताकि सामाजिक सुरक्षा कानून की रक्षा हो सके। सम्मेलन में देशभर से सीटू के 500 से अधिक डेलीगेट्स जुटे हैं।

Related Articles