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शेखावाटी हस्तशिल्प मेला 2026 का भव्य शुभारंभ


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शेखावाटी हस्तशिल्प मेला 2026 का भव्य शुभारंभ

यूडीएच राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने गुब्बारे उड़ाकर किया उद्घाटन, अर्बन हाट में स्टालों का किया अवलोकन

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत

सीकर : जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र तथा जिला प्रशासन, सीकर द्वारा आयोजित शेखावाटी हस्तशिल्प मेला 2026 का शुभारंभ शनिवार को अर्बन हाट, जयपुर रोड, सीकर में भव्य रूप से किया गया। मेले का उद्घाटन नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ फीता काटकर तथा सफेद गुब्बारे उड़ाकर किया।

यूडीएच मंत्री खर्रा ने मेले में लगी पंच गौरव प्रदर्शनी, हस्तशिल्प उत्पादों एवं राजीविका की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा लगाई गई स्टालों का निरीक्षण कर उत्पादों एवं योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खर्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार निरंतर हस्तशिल्प कला को बढ़ावा दे रही है, ताकि देश आत्मनिर्भर बने। उन्होंने सभी से अपील की कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर देश की आत्मनिर्भरता में योगदान दें। उन्होंने बताया कि कुटीर उद्योगों एवं स्टार्टअप्स के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। युवा विदेशों में लाखों-करोड़ों की नौकरियाँ छोड़कर स्वदेश में स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं, जो देश को स्वावलंबी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा “सभी लोग स्वदेशी को अपनाएँ, ताकि युवा अपने स्टार्टअप्स के माध्यम से नए अनुसंधान एवं उत्पाद विकसित कर सकें और 2047 तक देश की आजादी के 100 वर्ष पूर्ण होने पर भारत को पूर्णतः विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाया जा सके

पंच गौरव योजना के प्रभारी अधिकारी डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि मेले के दौरान पंच गौरव प्रदर्शनी लगाई गई है। इसमें जिले के पाँच गौरव-एक जिला एक उत्पाद (लकड़ी का फर्नीचर), खेल (बास्केटबॉल), उपज (प्याज), पर्यटन स्थल (खाटू श्यामजी) तथा वनस्पति (अरडू) को शामिल कर आमजन को जागरूक किया जा रहा है।

जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक विकास सिहाग ने जानकारी दी कि मेले में 100 से अधिक स्टॉल्स लगाई गई हैं। इनमें कश्मीरी ऊनी वस्त्र, हैंडलूम वस्त्र, मोजड़ियाँ, रेडीमेड गारमेंट्स, इमीटेशन ज्वैलरी, हस्तशिल्प फर्नीचर, लाख एवं टेराकोटा उत्पाद, तथा हस्तनिर्मित खाद्य पदार्थ प्रमुख हैं। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा भी स्टॉल्स लगाए गए है जिनमें पापड़, मंगौड़ी, बाजरा, रागी, ज्वार एवं मक्का के बिस्किट-लड्डू, नमकीन, बच्चों के खिलौने, रेजिन आर्ट उत्पाद, सॉफ्ट टॉयज, कॉस्मेटिक्स, हैंडीक्राफ्ट गारमेंट्स, लाख के बैंगल्स आदि उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। ये स्टाल हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान कर रहे हैं।

कार्यक्रम में जिला कलक्टर मुकुल शर्मा, पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती, पूर्व विधायक सीकर रतन लाल जलधारी, अतिरिक्त जिला कलक्टर रतन कुमार, यूआईटी सचिव जे.पी. गौड़, सहायक निदेशक पर्यटन अनु शर्मा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र सिंह शेखावत, जिला समन्वयक राकेश कुमार लाटा, सुरेश अग्रवाल, ईश्वर सिंह राठौड़ सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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