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खेतड़ीनगर में भागवत कथा में कृष्ण-सुदामा प्रसंग:मित्रता का महत्व बताया, कथा का समापन कल


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खेतड़ीनगर में भागवत कथा में कृष्ण-सुदामा प्रसंग:मित्रता का महत्व बताया, कथा का समापन कल

खेतड़ीनगर में भागवत कथा में कृष्ण-सुदामा प्रसंग:मित्रता का महत्व बताया, कथा का समापन कल

खेतड़ीनगर : खेतड़ी नगर के थर्ड सेक्टर स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाया गया। चित्रकूट के कथावाचक पुष्पेंद्र शुक्ला ने कथा का वाचन किया, जिसमें पुरुषोत्तम शर्मा और ममता देवी मुख्य यजमान रहे।

कथावाचक पुष्पेंद्र शुक्ला ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची मित्रता कैसे निभाई जाती है, यह उनसे सीखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर द्वारिका में अपने मित्र कृष्ण से मिलने पहुंचे। द्वारपालों ने उन्हें भिक्षा मांगने वाला समझकर रोका, लेकिन जब सुदामा ने खुद को कृष्ण का मित्र बताया, तो द्वारपालों ने यह सूचना महल में दी।

सुदामा का नाम सुनते ही भगवान कृष्ण तेजी से द्वार की ओर भागे और अपने मित्र को गले लगा लिया। उनकी इस अनूठी मित्रता को देखकर सभा में उपस्थित सभी लोग अचंभित रह गए। कथावाचक ने ये भी कहा कि जब भी भक्तों पर कोई विपदा आती है, प्रभु उनका उद्धार करने अवश्य आते हैं।

कथा व्यास पीठाधीश्वर ने बताया कि जो भी व्यक्ति श्रद्धापूर्वक भागवत कथा का श्रवण करता है, उसका जीवन सफल हो जाता है। सुभाष शर्मा ने बताया कि सात दिवसीय कथा का समापन शनिवार को विधिवत पूजा-अर्चना और हवन यज्ञ के साथ होगा।

इस अवसर पर सुभाष भारद्वाज, घिसाराम, सीताराम, प्रेम अग्रवाल, केपी भार्गव, रघुवीर शर्मा, शिवशंकर शर्मा, आयुष शर्मा, के एल खत्री, रामोतार बंसल, कमलेश, लक्ष्मी, सुनीता, कमला, सुधा बंसल, कमला, कमलेश शर्मा, रेखा अग्रवाल, चंदा देवी सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे और कथा का आनंद लिया।

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