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उदयपुरवाटी में किन्नरों ने किया चाक पूजन:अखिल भारतीय महासम्मेलन में कुम्हार के घर पहुंचे, किन्नरों ने लाखों के आभूषण और नगद भेंट की


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उदयपुरवाटी में किन्नरों ने किया चाक पूजन:अखिल भारतीय महासम्मेलन में कुम्हार के घर पहुंचे, किन्नरों ने लाखों के आभूषण और नगद भेंट की

उदयपुरवाटी में किन्नरों ने किया चाक पूजन:अखिल भारतीय महासम्मेलन में कुम्हार के घर पहुंचे, किन्नरों ने लाखों के आभूषण और नगद भेंट की

उदयपुरवाटी : उदयपुरवाटी में भूरीकूड़ी रोड स्थित रत्नागिरी गार्डन में चल रहे अखिल भारतीय किन्नर महासम्मेलन के दौरान सोमवार को हजारों किन्नरों ने कुम्हार के घर जाकर चाक पूजन किया। इस अवसर पर किन्नरों के जुलूस को देखने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए इलाके से हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

किन्नरों ने गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकाला

यह महासम्मेलन हाजी राजू और किन्नर समाज की जिलाध्यक्ष सनम बाई की अगुवाई में स्व. शांति बाई की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है। सामाजिक परंपरा के अनुसार, किन्नरों ने दोपहर में गार्डन से गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकाला।

नाचते-गाते हुए किन्नर नई मंडी और पुरानी मंडी के बीच स्थित एक कुम्हार के घर पहुंचे, जहां उन्होंने चाक पूजन की रस्म पूरी की। पूजन के बाद, वे नाचते-गाते हुए शहर के लोगों को आशीर्वाद देते हुए पुरानी मंडी, पांच बत्ती, टीटेड़ा, जांगिड़ कॉलोनी, चुंगी नंबर तीन से होते हुए वापस गार्डन लौटे। इस दौरान उन्होंने आमजन के शादी-विवाह के दौरान होने वाले कई कार्यक्रम भी किए।

किन्नरों ने लाखों ने आभूषण और नगद भेंट की

चाक पूजन के दौरान किन्नरों ने कुम्हार द्वारका प्रसाद कुमावत को सोने की अंगूठी और 5100 रुपए नकद भेंट किए। उनकी पत्नी सीता देवी को 2500 रुपए नकद, सोने का मंगलसूत्र, नाक व कान में पहनने के जेवर तथा चांदी की पायजेब और मच्छी प्रदान की गईं। कुम्हारों ने भी सजाए हुए कलशों पर किलंगी लगाकर दो दोगड़ भेंट किए। पाटन से अन्नू और ब्यावर से परी दीदी ने कलश उठाए, जिनका गजरा पहनाकर अभिनंदन और पूजा अर्चना की गई।

विभिन्न राज्यों से आए हजारों किन्नर

इस चाक पूजन जुलूस में कृष्णा जैसलमेर, ब्यावर भीलवाड़ा से परी दीदी, किरण बाई ब्यावर, लैला बाई जयपुर, रेखा बाई पाटन, साधना हरजी नायक पानीपत, मंजू नायक पलवल, रानी नायक दिल्ली, प्रिया बाई भीलवाड़ा, आरती बाई रास बाबरा, काजल नायक अजमेर, रेखा बाई कमलीघाट, अनिता नायक मंदसौर, कशिश उज्जैन, बबली नायक ओरैया, मोहिनी नायक रामपुर, सिमरन झुंझुनूं, चुटकी बाई रतननगर सहित सैकड़ों किन्नर मौजूद थे।

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