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बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय में कौशल विकास पर आयोजित हुआ विशेष व्याख्यान


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बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय में कौशल विकास पर आयोजित हुआ विशेष व्याख्यान

कुशल मानव संसाधन किसी भी देश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण : प्रोफेसर एके नगावत

बीकानेर : बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय में कौशल विकास पर विशेष व्याख्यान आयोजित हुआ। व्याख्यान के मुख्य अतिथि और विशेषज्ञ वक्ता दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अशोक कुमार नगावत थे।जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि इस अवसर पर कुलगुरु प्रोफेसर नागावत नें कहा कि कुशल मानव संसाधन किसी भी देश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, और कौशल विकास इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करता है। कोर्स के साथ साथ स्किल का भी अर्जन करना जरूरी है तभी हम उद्देश्य प्राप्ति में सफल हो सकते हैं। विद्यार्थी के लिए सिर्फ़ शैक्षणिक उपलब्धियाँ ही काफ़ी नहीं हैं। असली चुनौती छात्रों को तेज़ी से बदलती दुनिया के लिए तैयार करने में है। यहीं पर कौशल विकास ज़रूरी हो जाता है। वर्तमान रोजगार परिदृश्य में अब नियोक्ता नियोक्ता अब डिग्रियों की तुलना में कौशल को प्राथमिकता देनें लगे हैं। भारत में, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020, आधारभूत स्तर से ही कौशल विकास के एकीकरण पर ज़ोर देकर इस वैश्विक दृष्टिकोण को प्रतिध्वनित करती है। इस अवसर पर एसीबी प्राचार्य डॉ. ओपी जाखड़ भी उपस्थित थे।

कुलगुरु प्रोफेसर अखिल रंजन गर्ग ने कहा कि कौशल विकास की शिक्षा प्रौद्योगिकी को अपनाने का एक मुख्य उद्देश्य उच्च-कुशल और वांछनीय पेशेवरों की एक पीढ़ी तैयार करना है। वैश्विक रोज़गार बाज़ार निरंतर बदल रहा है। नए क्षेत्रों के साथ भूमिकाएँ और ज़िम्मेदारियाँ भी बदल रही हैं। भारत आने वाले कुछ दशकों में उभरते अवसरों को पूरा करने वाले प्रतिभाओं का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में अग्रणी है। वर्तमान शिक्षा प्रणाली विद्यार्थी के साथ-साथ शिक्षक की भूमिका और कौशल के मूल्यांकन की भी माँग करते हैं। यूसीईटी प्राचार्य डॉ परबंत सिंह ने कहा कि कौशल शिक्षा के मॉडल के माध्यम से युवाओं को उन्नत कौशल, ज्ञान और रोज़गारपरकता से सशक्त बनाना आवश्यक है, जो सैद्धांतिक शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव के साथ जोड़नें का कार्य करता है। उन्हें आज के रोज़गार बाज़ार में आवश्यक योग्यताओं से लैस करना जरूरी है।संक्षेप में, तकनीकी शिक्षा में कौशल विकास का लक्ष्य युवाओं को व्यावहारिक और तकनीकी ज्ञान से लैस करना है, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में योगदान कर सकें और एक स्थिर व समृद्ध भविष्य का निर्माण कर सकें।

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