[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

वकीलों ने हाई कोर्ट के बाहर 4घंटे रास्ता किया ब्लॉक:बदमाशों ने एक वकील को दी थी जान से मारने की धमकी, पुलिस ने एक आऱोपी को किया गिरफ्तार


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
जयपुरटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

वकीलों ने हाई कोर्ट के बाहर 4घंटे रास्ता किया ब्लॉक:बदमाशों ने एक वकील को दी थी जान से मारने की धमकी, पुलिस ने एक आऱोपी को किया गिरफ्तार

वकीलों ने हाई कोर्ट के बाहर 4घंटे रास्ता किया ब्लॉक:बदमाशों ने एक वकील को दी थी जान से मारने की धमकी, पुलिस ने एक आऱोपी को किया गिरफ्तार

जयपुर : हाई कोर्ट के वकील अतर सिंह गुर्जर को जान से मारने की धमकी देने के मामले में शनिवार को वकीलों ने हाई कोर्ट के बाहर जाम लगा दिया। शाम को शुरू हुआ धरना रात 10 बजे तक चला। जिससे अम्बेडकर सर्किल से स्टेच्यू सर्किल के बीच का रास्ता ब्लॉक हो गया।

पुलिस ने वकीलों से समझाइश की, लेकिन वकील आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़े रहे। बाद में अशोक नगर थाना पुलिस ने एक आरोपी हरदेव पावटा को गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद वकीलों ने जाम हटाया। हाई कोर्ट बार के अध्यक्ष प्रहलाद शर्मा ने बताया कि वकील अतर सिंह गुर्जर को आज शाम राजवीर गुर्जर ने फोन पर जान से मारने की धमकी दी थी।

जिसके बाद वकील आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए अशोक नगर थाने गए। लेकिन थानाधिकारी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। वहीं मामले में एफआईआर भी दर्ज नहीं की।

आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन करते वकील।
आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन करते वकील।

केस की फीस मांगने पर वकील को दी धमकी

वकील अतर सिंह गुर्जर ने बताया कि उन्होंने राजवीर गुर्जर का केस लड़ा था। आरोपी के पक्ष में फैसला भी हो गया। लेकिन जब उन्होंने केस की फीस मांगी तो आरोपी ने फीस देने से मना कर दिया। वहीं दूसरे वकील के जरिए केस का ऑर्डर निकलवाने की कोशिश की।

जब इस बात की सूचना मिली तो हमने दूसरे वकील से संपर्क करके ऑर्डर देने से मना करवा दिया। वहीं राजवीर से कहा कि वह पहले फीस दे। इस पर आज राजवीर और हरदेव ने मुझे फोन करके जान से मारने की धमकी दी।

साथी वकीलों का कहना है कि धमकी के बाद तीन लोग स्कॉर्पियों से कोर्ट के बाहर वकील अतर सिंह गुर्जर की रैकी करते हुए भी देखे गए। लेकिन शिकायत के बाद भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। बाद में पूर्व महाधिवक्ता राजेश महर्षि के नेतृत्व में वकीलों के एक प्रतिनिधि मण्डल ने इस मामले में पुलिस अधिकारियों से वार्ता की। जिसके बाद पुलिस ने एक आऱोपी को गिरफ्तार कर लिया, वहीं अन्य की तलाश जारी हैं।

Related Articles

Mantratoto luwakpoker aladin66 tupaiwin rupiah89 kios77 TOKO22