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सरदारशहर में SDM कार्यालय का वकीलों ने घेराव किया:रीडर संदीप भोजक को भानीपुरा भेजा, पुराने मामलों और बैक डेट आदेशों की जांच की मांग


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सरदारशहर में SDM कार्यालय का वकीलों ने घेराव किया:रीडर संदीप भोजक को भानीपुरा भेजा, पुराने मामलों और बैक डेट आदेशों की जांच की मांग

सरदारशहर में SDM कार्यालय का वकीलों ने घेराव किया:रीडर संदीप भोजक को भानीपुरा भेजा, पुराने मामलों और बैक डेट आदेशों की जांच की मांग

सरदारशहर : सरदारशहर उपखंड कार्यालय में रीडर संदीप भोजक से जुड़ा विवाद गुरुवार को फिर सामने आया। मंगलवार को SDM कोर्ट के सामने वकील दलीप सिंह पंवार द्वारा आत्मदाह की कोशिश की घटना के बाद गुरुवार को वकीलों ने SDM कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की। वकील कोर्ट परिसर में बैठ गए और रीडर को हटाने के साथ पूरे मामले की जांच की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान SDM महिपाल सिंह राजावत ग्राम पंचायतों के सरपंचों की लॉटरी प्रक्रिया में थे। वकीलों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर वे तुरंत कार्यालय पहुंचे और उनसे बातचीत की।

बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट राजेंद्र सिंह राजपुरोहित समेत अन्य वकीलों ने रीडर संदीप भोजक से जुड़े मामलों की जांच कराने और उन्हें कार्यालय से हटाने की मांग रखी। इस पर SDM राजावत ने मामले की जांच खुद करने का आश्वासन दिया। इसके बाद रीडर संदीप भोजक को भानीपुरा भेज दिया गया।

पुराने मामलों और बैक डेट के आदेशों पर सवाल

वकीलों ने पुराने मामलों में कथित बैक डेट के आदेशों को लेकर भी सवाल उठाए। बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपुरोहित ने आरोप लगाया कि कुछ फाइलों में आदेश और हस्ताक्षर स्पष्ट नहीं हैं। उन्होंने कथित भ्रष्टाचार और वकीलों के साथ गलत व्यवहार के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

वकीलों ने आंदोलन और हड़ताल के दौरान गैर-मौजूदगी के कारण खारिज हुई फाइलों को नियमों के अनुसार बहाल करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि आंदोलन के कारण जिन लोगों के मामलों में फैसले प्रभावित हुए हैं, उन्हें दोबारा सुनवाई का मौका मिलना चाहिए। SDM ने इस संबंध में जरूरी कार्रवाई का भरोसा दिया।

पहले भी 11 दिन चला था आंदोलन

रीडर को हटाने की मांग को लेकर वकील पहले भी 11 दिन तक आंदोलन कर चुके हैं। इस दौरान धरना देने के साथ SDM कार्यालय का घेराव भी किया गया था। विवाद बढ़ने के बाद संदीप भोजक को पहले छुट्टी पर भेजा गया था और बाद में APO किया गया था। मंगलवार की घटना के बाद गुरुवार को फिर हुए प्रदर्शन से मामला दोबारा चर्चा में आ गया है। अब SDM की ओर से जांच के आश्वासन के बाद आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर है।

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