1.730 हेक्टेयर भूमि विवाद को लेकर घमासान, ब्राह्मण समाज समिति ने ईओ को दिया एक सप्ताह का अल्टीमेटम
1.730 हेक्टेयर भूमि विवाद को लेकर घमासान, ब्राह्मण समाज समिति ने ईओ को दिया एक सप्ताह का अल्टीमेटम
मंड्रेला : कस्बे में करीब 1.730 हेक्टेयर भूमि से जुड़े मामले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ब्राह्मण समाज समिति ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अधिशाषी अधिकारी कमल मेघवाल पर भूमाफिया से मिलीभगत कर भूमि को खुर्द-बुर्द करने का आरोप लगाया है। वहीं ईओ ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मामले में समिति जैसा समझ रही है, वैसा कुछ नहीं है।
समिति ने प्रशासन को एक सप्ताह का समय देते हुए भूमि से संबंधित पूर्व में जारी विज्ञप्ति को दोबारा जारी कर नियमानुसार निरस्त करने की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी है कि समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। इसमें ईओ का पुतला दहन, बाजार बंद और कस्बा बंद कराने की चेतावनी दी गई है।
पुराने राजस्व रिकॉर्ड की जांच की मांग
समिति के अनुसार समाचार पत्र में प्रकाशित सूचना के माध्यम से करीब 1.730 हेक्टेयर कृषि भूमि से संबंधित जानकारी सामने आने के बाद आपत्ति दर्ज कराई गई। समिति ने राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 90-ए सहित संबंधित राजस्व प्रावधानों का हवाला देते हुए भूमि के पुराने रिकॉर्ड, दस्तावेज और स्वामित्व की जांच की मांग की है। समिति का कहना है कि सभी राजस्व अभिलेखों का मिलान और संबंधित पक्षों के अधिकारों की जांच किए बिना भूमि से जुड़ी आगे की प्रक्रिया नहीं की जानी चाहिए।
चारों भूमि मालिक कस्बे से बाहर रहने का दावा
समिति से जुड़े लोगों के अनुसार भूमि के चारों मालिक वर्तमान में मंड्रेला से बाहर रहते हैं। इनमें एक के बिहार, एक के पश्चिम बंगाल और दो के अमेरिका में रहने की बात कही गई है। समिति का आरोप है कि मालिकों की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर भूमि से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन
ब्राह्मण समाज समिति अध्यक्ष नरोत्तम शर्मा ने कहा कि समिति पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहती है। प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया गया है। इस अवधि में विज्ञप्ति निरस्त कर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने पुतला दहन, बाजार बंद और कस्बा बंद की चेतावनी दी।
अब पूरे मामले में राजस्व रिकॉर्ड, भूमि दस्तावेज और विज्ञप्ति जारी करने की प्रक्रिया की जांच महत्वपूर्ण होगी। समिति के अल्टीमेटम के बाद प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले कदम पर कस्बे की नजर बनी हुई है।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19




Total views : 2306279


