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पेड़ से टकराकर पलटी स्कॉर्पियो, आर्मी-जवान और दोस्त की मौत:JCB से गेट तोड़ शव निकाले, 2 गंभीर घायल; परिजन का आरोप-एयरबैग ही नहीं खुले झुंझुनूं22 मिनट पहले


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पेड़ से टकराकर पलटी स्कॉर्पियो, आर्मी-जवान और दोस्त की मौत:JCB से गेट तोड़ शव निकाले, 2 गंभीर घायल; परिजन का आरोप-एयरबैग ही नहीं खुले झुंझुनूं22 मिनट पहले

पेड़ से टकराकर पलटी स्कॉर्पियो, आर्मी-जवान और दोस्त की मौत:JCB से गेट तोड़ शव निकाले, 2 गंभीर घायल; परिजन का आरोप-एयरबैग ही नहीं खुले झुंझुनूं22 मिनट पहले

झुंझुनूं : झुंझुनूं में बेकाबू स्कॉर्पियो पेड़ से टकराकर पलट गई। हादसे में सेना के जवान और उनके दोस्त की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 2 युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा बगड़ थाना इलाके में बगड़ मोड़ पर मंगलवार देर रात करीब 1 बजे हुआ। स्कॉर्पियो पूरी तरह डैमेज हो गई। दोनों शव गाड़ी में आगे की सीट पर फंस गए। JCB से गेट तोड़कर शव और घायलों को बाहर निकाला। परिजनों का आरोप है कि गाड़ी में 6 में से एक भी एयरबैग नहीं खुला।

बगड़ थाना ASI रणधीर सिंह ने बताया- सेना में हवलदार राकेश कुमार (36) पुत्र नेतराम लाल दूत निवासी कोलसिया (नवलगढ़) और महिला पुलिस कॉन्स्टेबल के बेटे नितिन (22) निवासी पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की मौत हुई है। अजय कुमार (25) पुत्र गणेश राम नायक निवासी डाइट के पास, झुंझुनूं और साक्षक सिहाग पुत्र संजय कुमार निवासी सिंघाना हाल निवासी जयपुर घायल हो गए।

क्रेन और JCB से बाहर निकाला

ASI रणधीर सिंह ने बताया- रात को हादसे की सूचना मिली थी। गश्त कर रही 112 नंबर की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। गाड़ी के अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए जेसीबी और क्रेन की मदद लेनी पड़ी। घायल अजय और साक्षक को एंबुलेंस से नजदीकी बीडीके हॉस्पिटल पहुंचाया गया। वहां से उन्हें जयपुर के SMS हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। राकेश और नितिन के शव बगड़ के सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाए गए। बुधवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए।

चचेरा भाई बोला- स्कॉर्पियो के एयरबैग ही नहीं खुले

राकेश के चचेरे भाई नेमीचंद ने बताया- चारों युवक दोस्त थे। देर रात नितिन को छोड़ने चिड़ावा के पास लाम्बा गोठड़ा की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान 11 किमी दूर बगड़ मोड़ पर हादसा हो गया। नेमीचंद ने आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी तेज टक्कर लगने के बाद भी स्कॉर्पियो के एयरबैग नहीं खुले। इस कारण राकेश और उसके दोस्त नितिन की जान नहीं बच सकी।

छुट्‌टी पर घर आया था जवान

नेमीचंद ने बताया- राकेश ने साल 2011 में भारतीय सेना जॉइन की थी। वह सेना में एजुकेशन हवलदार के पद पर था। वर्तमान में लेह (लद्दाख) में पोस्टिंग थी। वह 23 जुलाई को ही छुट्टी पर घर आया था और 14 अगस्त तक यहीं रुकने वाला था। भाभी संजू देवी (31) का रो-रो कर बुरा हाल है। राकेश का पांच साल का बेटा नितेशु है। उसे यह भी समझ नहीं है कि उसके सिर से पिता का साया उठ चुका है। राकेश की बहन पूनम डॉक्टर है। वहीं, नितिन की मां सरोज कॉन्स्टेबल हैं। वे वर्तमान में झुंझुनूं की कालिका यूनिट (महिला पुलिस) में तैनात हैं।

मोड़ पर प्रशासन बोर्ड लगाए

लाम्बा गोठड़ा गांव के निवर्तमान सरपंच सचिन ने बताया- यहां बगड़ तिराहे पर मोड़ है। झुंझुनूं से आने वालों को इस मोड़ के बारे में जानकारी नहीं होती है। ऐसे में प्रशासन को यहां बोर्ड लगाना चाहिए, ताकि हादसे न हों। इस गाड़ी (स्कॉर्पियो) को कंपनी 30 लाख में बेचती है। इसमें 6 एयरबैग्स आते हैं, एक भी नहीं खुला।

बोनट पिचका, छत धंसी

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- ब्लैक कलर की स्कॉर्पियो झुंझुनूं से चिड़ावा की ओर जा रही थी। इसी दौरान बगड़ तिराहे पर SUV का बैलेंस बिगड़ गया। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गई। इसके बाद पलटी खा गई। गाड़ी का बोनट पिचक गया था। छत भी धंस गई थी।

परिजनों का आरोप है कि कार के एयरबैग्स ही नहीं खुले। अगर ये सेफ्टी फीचर काम करता तो दोनों की जान बच सकती थी।
परिजनों का आरोप है कि कार के एयरबैग्स ही नहीं खुले। अगर ये सेफ्टी फीचर काम करता तो दोनों की जान बच सकती थी।
स्कॉर्पियो में आगे की सीट पर बैठे युवक का शव फंस गया था।
स्कॉर्पियो में आगे की सीट पर बैठे युवक का शव फंस गया था।
कार में सवार युवक एक दूसरे के ऊपर गिरे हुए थे। स्कॉर्पियो की छत पिचकी हुई थी।
कार में सवार युवक एक दूसरे के ऊपर गिरे हुए थे। स्कॉर्पियो की छत पिचकी हुई थी।

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