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उपचुनाव नतीजे: 3 में से सिर्फ एक सीट ही जीत पाई भाजपा, बिहार MP में मिली हार


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उपचुनाव नतीजे: 3 में से सिर्फ एक सीट ही जीत पाई भाजपा, बिहार MP में मिली हार

उपचुनाव नतीजे: 3 में से सिर्फ एक सीट ही जीत पाई भाजपा, बिहार MP में मिली हार

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : डॉ रहीम ख़ान

नई दिल्ली। आज आए 3 विधानसभा उपचुनाव नतीजों में भाजपा सिर्फ एक गुजरात की मंजलपुर सीट पर ही जीत दर्ज कर पाई है। यह सीट बीजेपी ने 2022 विधानसभा चुनाव में एक लाख से ज्यादा वोटों से जीती थी लेकिन इस बार 30630 वोट से ही जीती है।

इस सीट पर लगातार भाजपा के जीतने की वजह से मतदाता और उम्मीदवार दोनों में ही उदासीनता है। यहाँ सिर्फ 37.5% ही मतदान हुआ था। जहां बिहार और मप्र में हुए विधानसभा उपचुनाव में दोनों सीटों पर 20-20 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में थे वहीं यहां सिर्फ 2 ही उम्मीदवार थे एक बीजेपी से और दूसरे कांग्रेस से। इस सीट की जीत की मीडिया में भी ज्यादा चर्चा नहीं है क्योंकि गुजरात से आने वाले चुनाव नतीजे का चुनाव होने से पहले ही लोग अंदाजा लगा लेते हैं। यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है, अगर ऐसा ही चलता रहा तो लोग यहां वोट देना ही बंद कर देंगे।

राजनीतिक विश्लेषक हेमेन्द्र गर्ग कहते हैं कि “गुजरात की मांजलपुर सीट पर केवल 37% मतदान हुआ था इसका मतलब है जनता में सरकार के प्रति भारी उदासीनता है, साथ मे जनता जानती है ,बदलाव मुश्किल है, इसलिए मतदान के लिए घरों से नही निकली।”

चुनाव परिणाम

मंजलपुर विधानसभा सीट गुजरात के वडोदरा जिले में स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) का एक मजबूत और पारंपरिक गढ़ है। यह सीट वर्ष 2008 में नए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। इस सीट का पूरा राजनीतिक इतिहास वरिष्ठ नेता योगेश पटेल और बीजेपी के प्रभुत्व से जुड़ा रहा है। वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद वडोदरा की इस नई सीट पर हुए चुनावों में योगेश पटेल ने लगातार जीत हासिल की। इससे पहले योगेश पटेल रावपुरा सीट का प्रतिनिधित्व करते थे।

मंजलपुर सीट बनने के बाद योगेश पटेल ने 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भारी मतों से जीत दर्ज की। 2022 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को लगभग 1,00,754 वोटों के अंतर से हराया था। जून 2026 में विधायक योगेश पटेल के निधन के कारण यहां 30 जुलाई 2026 को उपचुनाव हुआ। 3 अगस्त 2026 को आए परिणामों में बीजेपी उम्मीदवार सतेंद्र भाई पटेल (सतीश पटेल) ने कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को हराकर इस सीट पर बीजेपी का कब्जा बरकरार रखा है।

उपचुनाव में कुल 2,19,494 पंजीकृत मतदाताओं में से सिर्फ 82,318 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।साल 2022 के विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार मतदान काफी धीमा रहा, क्योंकि 2022 के चुनाव में यहाँ 60.15 प्रतिशत मतदान हुआ था।

बीजेपी ने भले ही यह सीट जीत ली है लेकिन कम मतदान प्रतिशत और एक लाख की जगह सिर्फ 30 हजार से हुई जीत भाजपा के लिए भी चिंता का विषय है। गुजरात, बिहार और मध्यप्रदेश की एक एक सीट पर हुए विधानसभा उप चुनाव में भाजपा केवल गुजरात में ही एक सीट जीतने में कामयाब हुई है। बिहार और मध्यप्रदेश की सीट भाजपा हार गई है, जबकि तीनों राज्यों में भाजपा की सरकार है। राजनीतिक विश्लेषक इस हार को छात्र आंदोलन और जेन ज़ी में सरकार को लेकर उपजी नाराजगी के नतीजे के तौर पर भी देख रहे हैं।

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