चेक बाउंस मामले में आरोपी को एक साल की सजा: कोर्ट ने 12 लाख रुपये मुआवजा देने का दिया आदेश
बीदासर न्यायालय का फैसला, मुआवजा जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : गजराज शर्मा
बीदासर : बीदासर न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने चेक अनादरण (धारा 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम) के एक मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी को परिवादी को 12 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिवादी रिछपाल सिंह ने वर्ष 2018 में अनिल पुत्र महावीर प्रसाद सारस्वत के खिलाफ चेक बाउंस का मामला दर्ज कराया था। परिवादी का आरोप था कि लेन-देन के दौरान आरोपी ने भुगतान के लिए चेक जारी किया था, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर वह अनादरित (बाउंस) हो गया। कानूनी नोटिस और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा।
सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास और 12 लाख रुपये मुआवजा अदा करने का आदेश दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी निर्धारित समय सीमा में मुआवजा राशि जमा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
परिवादी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दीनदयाल प्रजापत एवं अरविंद चौधरी ने पैरवी की। न्यायालय के इस फैसले को आर्थिक लेन-देन में पारदर्शिता और चेक के माध्यम से होने वाले भुगतान की विश्वसनीयता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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