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हत्या-अपहरण मामले में 5 दोषियों को उम्रकैद, एक आरोपी बरी:कोर्ट ने अपराध को बताया जघन्य; पीड़ित परिवार को प्रतिकर देने के भी दिए निर्देश


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हत्या-अपहरण मामले में 5 दोषियों को उम्रकैद, एक आरोपी बरी:कोर्ट ने अपराध को बताया जघन्य; पीड़ित परिवार को प्रतिकर देने के भी दिए निर्देश

हत्या-अपहरण मामले में 5 दोषियों को उम्रकैद, एक आरोपी बरी:कोर्ट ने अपराध को बताया जघन्य; पीड़ित परिवार को प्रतिकर देने के भी दिए निर्देश

चिड़ावा : चिड़ावा में अपर सेशन कोर्ट ने हत्या और अपहरण के एक चर्चित मामले (सत्र प्रकरण संख्या 02/2020) में पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अपराध को अत्यंत जघन्य बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में किसी प्रकार की नरमी न्यायोचित नहीं है।

एडीजे कोर्ट के लोक अभियोजक (पीपी) मनोज बजाज ने बताया कि अदालत ने जोगेंद्र (35), जले सिंह उर्फ जले उर्फ टोनी (25), महेंद्र देवी (66), रचना देवी (35) और रामसिंह (65) को भारतीय दंड संहिता की धारा 148, 364 और 302 (धारा 149 के साथ) के तहत दोषी माना है।

वहीं, आरोपी अंकित कस्वां को साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। मामले के एक अन्य आरोपी इंद्रराज की मृत्यु होने के कारण उसके खिलाफ कार्यवाही पहले ही समाप्त की जा चुकी थी।

हत्या जैसे अपराध में नरमी उचित नहीं

सजा पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कम सजा देने की अपील की, लेकिन अपर सेशन न्यायाधीश नरेंद्र सिंह ने इसे खारिज कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि हत्या जैसे गंभीर अपराध में अनावश्यक उदारता न्याय व्यवस्था और समाज की भावना के विपरीत होगी।

अदालत ने सभी पांच दोषियों को धारा 148 के तहत एक वर्ष का कठोर कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं भरने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 364 के तहत आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

इसी तरह धारा 302 के तहत भी आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है। इस जुर्माने का भुगतान नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। अदालत ने आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

पीड़ित परिवार को प्रतिकर देने के निर्देश

न्यायालय ने मृतक विक्रम सिंह के कानूनी वारिसों को पीड़ित प्रतिकर योजना (Victim Compensation Scheme) के तहत मुआवजा दिलाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झुंझुनूं को आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।

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