100 फीट सड़क चौड़ीकरण के विरोध में व्यापारी एकजुट
मंडी से बजाज सर्किल मार्ग पर रोजगार बचाने की मांग, प्रशासन को दिए छह वैकल्पिक सुझाव
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : नैना शेखावत
सीकर : कृषि मंडी से बजाज सर्किल तक प्रस्तावित 100 फीट सड़क चौड़ीकरण के विरोध में क्षेत्र के व्यापारी एकजुट हो गए हैं। राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देशों की पालना में प्रशासन द्वारा जारी प्रस्ताव के बाद करीब 300 दुकानदारों ने अपने रोजगार और भविष्य को लेकर चिंता जताते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने सड़क चौड़ीकरण का विरोध नहीं करते हुए विकास और रोजगार के बीच संतुलन बनाने की मांग की तथा यातायात सुधार के लिए छह वैकल्पिक सुझाव भी दिए।
व्यापारियों का कहना है कि मंडी क्षेत्र से बजाज सर्किल तक का बाजार शहर का प्रमुख और दशकों पुराना व्यावसायिक केंद्र है, जहां हजारों लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। यदि वर्तमान योजना के अनुसार चौड़ीकरण किया गया तो बड़ी संख्या में दुकानें प्रभावित होंगी और अनेक परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
‘वॉल-टू-वॉल’ मॉडल अपनाने की मांग
व्यापारियों ने प्रशासन को सुझाव दिया कि सड़क के दोनों किनारों का वैज्ञानिक उपयोग करते हुए ‘वॉल-टू-वॉल’ मॉडल लागू किया जाए। उनके अनुसार खुले नालों को ढककर, बिजली के पोल हटाकर तथा यातायात व्यवस्था में सुधार कर बिना दुकानों को नुकसान पहुंचाए सड़क का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है।
यातायात सुधार के लिए दिए छह सुझाव
व्यापारियों ने प्रशासन को छह प्रमुख सुझाव दिए—
- बस डिपो तिराहे का पुनर्गठन कर सिटी बस स्टैंड एवं टैक्सी स्टैंड को अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
- सड़क किनारे रोडवेज बसों एवं भारी वाहनों के ठहराव पर रोक लगाई जाए।
- सड़क के दोनों ओर बने खुले नालों को आरसीसी स्लैब से ढका जाए।
- बिजली के पोल और ट्रांसफार्मरों को व्यवस्थित रूप से स्थानांतरित किया जाए।
- अनाज मंडी के लिए अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग विकसित कर वन-वे व्यवस्था लागू की जाए।
- सड़क किनारे अतिक्रमण हटाकर पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की जाए।
विकास के साथ रोजगार भी रहे सुरक्षित
व्यापारियों ने कहा कि वे न्यायालय के आदेशों और शहर के विकास का सम्मान करते हैं, लेकिन विकास ऐसा होना चाहिए जिससे वर्षों से स्थापित व्यापार और लोगों की आजीविका प्रभावित न हो। उनका कहना है कि करीब 50 वर्षों से संचालित इस बाजार को उजाड़ना उचित नहीं होगा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अंतिम निर्णय लेने से पहले व्यापारियों, तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित विभागों के साथ संयुक्त बैठक कर सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जाए। व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि ऐसा समाधान निकलेगा जिससे शहर का विकास भी हो, यातायात व्यवस्था भी बेहतर बने और व्यापारियों का रोजगार भी सुरक्षित रह सके।
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