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मुख्य मार्ग पर 3 फीट जलभराव, ग्रामीणों का प्रदर्शन:NH-52 से जुड़े एक दर्जन गांवों का रास्ता बंद, समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी


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मुख्य मार्ग पर 3 फीट जलभराव, ग्रामीणों का प्रदर्शन:NH-52 से जुड़े एक दर्जन गांवों का रास्ता बंद, समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी

मुख्य मार्ग पर 3 फीट जलभराव, ग्रामीणों का प्रदर्शन:NH-52 से जुड़े एक दर्जन गांवों का रास्ता बंद, समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी

रानौली : किशनपुरा ग्राम पंचायत के मुख्य संपर्क मार्ग पर लंबे समय से चले आ रहे जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। मामूली बारिश के बाद ही तीन फीट तक पानी भर जाता है, जिससे सड़क पूरी तरह जलमग्न हो जाती है और आवागमन बाधित हो जाता है।

यह मुख्य संपर्क मार्ग किशनपुरा सहित रानोली, शिश्यू, अजबपुरा और वेद की ढाणी जैसे एक दर्जन से अधिक गांवों को राष्ट्रीय राजमार्ग-52 (NH-52) से जोड़ता है। प्रतिदिन सैकड़ों किसान, छात्र, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और अन्य ग्रामीण इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। जलभराव के कारण लोगों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे उन्हें समय और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि जल्द ही स्कूल खुलने वाले हैं, ऐसे में बच्चों को भी इसी जलमग्न मार्ग से होकर गुजरना पड़ेगा। पहले भी कई बाइक सवार, बुजुर्ग और छोटे बच्चे पानी में गिरकर चोटिल हो चुके हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, लगभग छह माह पहले आयोजित रात्रि चौपाल में भी यह समस्या उठाई गई थी। उस समय सड़क पर मलबा डालकर अस्थायी समाधान का प्रयास किया गया था, लेकिन बारिश में वह बह गया और समस्या फिर से जस की तस हो गई। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

विरोध प्रदर्शन में महेंद्र सिंह लिढ़ाण, गुलाब सिंह छबरवाल, रणवीर सिंह घोसल्या, बनवारी लिढ़ाण, केशर बड़ासरा, लछाराम छबरवाल, पोखर कड़वासरा, रामचंद्र घोसल्या, उत्तम छबरवाल, जीवण निर्बाण, जगदीश निर्बाण, मुकेश निर्बाण, नाथूराम घोसल्या, सोहन सिंह निर्बाण, राजेंद्र सिंह निर्बाण और जितेंद्र सिंह निर्बाण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे आगामी ग्रामीण सेवा शिविर का बहिष्कार करेंगे।

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