हरीनगर-रामदेवरा मार्ग प्रकरण: रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना
हरीनगर-रामदेवरा मार्ग प्रकरण: रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : गजराज शर्मा
बीदासर : ग्राम हरीनगर से रामदेवरा जाने वाले मुख्य रास्ते को पुनः खुलवाने तथा राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय के सामने धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि गैर मुमकिन कटाणी रास्ता खसरा संख्या 2160/2001, जो रोही हरीनगर से रामदेवरा तक आवागमन का प्रमुख मार्ग है, उसे सेटलमेंट विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कथित लापरवाही के कारण नए राजस्व नक्शे से हटा दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता वर्षों पुराना एवं प्रचलित सार्वजनिक मार्ग है, जिसे बिना उचित प्रक्रिया अपनाए रिकॉर्ड से हटाया जाना आमजन के हितों के विपरीत है। ग्रामीणों के अनुसार अगस्त 2025 में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाकर इस मार्ग को पुनः चालू किया गया था, लेकिन बाद में रिकॉर्ड में रास्ते को अन्य स्थान पर दर्शा दिया गया, जिससे विवाद और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। आरोप है कि कुछ लोगों ने मूल रास्ते पर अतिक्रमण कर तारबंदी कर दी है, जिसके कारण ग्रामीणों और किसानों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। किसानों ने बताया कि रास्ता बंद होने से उन्हें अपने खेतों तक पहुंचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कृषि कार्य, पशुपालन एवं दैनिक आवागमन प्रभावित होने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा 11 मई 2026 को तहसीलदार तथा 1 जून 2026 को उपखंड अधिकारी, बीदासर को लिखित शिकायत भी दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। धरने पर बैठे ग्रामीणों ने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत और निवेदन करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने मांग की कि उक्त रास्ते को पुनः राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए, अतिक्रमण हटाकर मार्ग को तत्काल प्रभाव से खुलवाया जाए तथा दोषी अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ महिलाओं ने भी भाग लिया और प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर जनहित में मार्ग बहाल करने की मांग की।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी धरने पर बैठे मनोज लुणा, चनरी देवी, कौशल्या देवी,निरमा, लिछमा देवी, सपु ,सुशीला,बिंदु देवी,कानाराम, गिरधारी,हेतराम, केशवराम राजूराम ,जगदीश ,सीताराम, पप्पूराम ,भलाराम ,हीरालाल सोहनलाल, दौलतराम, हरिराम हेतराम सहित अनेक ग्रामीण नगरी मौजूद रहे
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