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18 महीने से सड़क पर गंदा पानी, टमकोर में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा; मुख्य मार्ग किया जाम


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18 महीने से सड़क पर गंदा पानी, टमकोर में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा; मुख्य मार्ग किया जाम

समस्या के समाधान की मांग को लेकर सड़क पर डाले पत्थर-लकड़ियां, 15 गांवों का संपर्क प्रभावित; चेतावनी- सफाई नहीं हुई तो बंद करेंगे अन्य रास्ते भी

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : लतीफ खान

टमकोर : टमकोर बस स्टैंड स्थित मुख्य सड़क पर पिछले करीब 18 महीनों से जमा गंदे पानी और बंद पड़े नाले की समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। प्रशासन और पंचायत की लगातार अनदेखी से नाराज लोगों ने सड़क पर पत्थर और लकड़ियां डालकर आवागमन बंद कर दिया।

यह मुख्य सड़क जाबासर होते हुए मलसीसर को जोड़ती है तथा आसपास के करीब 15 गांवों के लोगों के लिए प्रमुख मार्ग है। प्रतिदिन हजारों ग्रामीण इसी रास्ते से आवाजाही करते हैं, लेकिन लंबे समय से सड़क पर जमा बदबूदार पानी के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल, ग्राम पंचायत और पंचायत समिति सहित विभिन्न स्तरों पर कई बार शिकायतें दर्ज करवाई गईं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। सड़क जाम होने से झुंझुनूं से आने वाली बसें गांव के बाहर ही रुक गईं और बस स्टैंड तक नहीं पहुंच सकीं, जिससे यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।

वार्ड पंच जुगलकिशोर और कृष्ण प्रजापत ने बताया कि प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बावजूद हालात नहीं बदले। उन्होंने कहा कि मजबूरी में ग्रामीणों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

सूचना मिलने पर सहायक विकास अधिकारी विमल जांगिड़ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश कर रास्ता खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मंगलवार सुबह तक सफाई कार्य शुरू नहीं किया गया तो गांव के अन्य प्रमुख मार्गों को भी बंद कर दिया जाएगा।

स्थानीय दुकानदार रामावतार प्रजापत ने बताया कि उनकी दुकान के सामने करीब डेढ़ साल से गंदा पानी भरा हुआ है। इससे व्यापार प्रभावित हो रहा है और ग्राहकों का आना-जाना भी कम हो गया है। वहीं ग्रामीण महावीर शर्मा ने कहा कि पंचायत पिछले दो वर्षों से फंड की कमी का हवाला देकर समस्या को टाल रही है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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