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दुकान में चाय बनाते समय सिलेंडर में लगी आग:सारा समान जलकर राख, दुकानदार बाल-बाल बचा; युवक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला


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चूरूटॉप न्यूज़राजस्थानराज्यसादुलपुर

दुकान में चाय बनाते समय सिलेंडर में लगी आग:सारा समान जलकर राख, दुकानदार बाल-बाल बचा; युवक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला

दुकान में चाय बनाते समय सिलेंडर में लगी आग:सारा समान जलकर राख, दुकानदार बाल-बाल बचा; युवक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला

सादुलपुर : सादुलपुर के स्थानीय बस स्टैंड के पास शनिवार को एक चाय की दुकान में रखे गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पास स्थित एक मसाले की दुकान तक पहुंच गई। व्यस्त बस स्टैंड क्षेत्र में आग लगने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें काफी ऊंची उठ रही थीं और गर्मी इतनी अधिक थी कि आग के करीब जाना भी मुश्किल हो रहा था। बस स्टैंड के आसपास दुकानों और लोगों की आवाजाही अधिक होने के कारण किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी। आग फैलने के साथ ही आसपास के व्यापारियों और राहगीरों में दहशत का माहौल बन गया।

कुलदीप सिहाग ने दिखाई बहादुरी, जलता सिलेंडर बाहर निकाला

घटना के दौरान मौके पर मौजूद कुलदीप सिहाग ने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना जलते हुए गैस सिलेंडर को दुकान से बाहर निकाला और उसे करीब 100 मीटर दूर एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। उनके इस त्वरित निर्णय ने संभावित विस्फोट और बड़े नुकसान की आशंका को काफी हद तक टाल दिया।

सिलेंडर को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बाद स्थानीय लोगों ने मिलकर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। सामूहिक प्रयासों से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे आसपास की अन्य दुकानों को नुकसान होने से बचाया जा सका।

दुकान के सामान को नुकसान, जनहानि नहीं

आग की घटना में चाय की दुकान और मसाले की दुकान में रखे कुछ सामान को नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर घायल होने की सूचना नहीं मिली है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने कुलदीप सिहाग की बहादुरी और तत्परता की जमकर प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सिलेंडर को सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंचाया जाता तो बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में बड़ा हादसा हो सकता था। कुलदीप के साहसिक कदम ने न केवल दुकानों को बचाया, बल्कि कई लोगों की जान भी सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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