[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

खेतड़ी के राजोता में कैटल शेड योजना अधर में:मजदूरी चुकाने को महिला ने बेची बकरियां, ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
खेतड़ीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

खेतड़ी के राजोता में कैटल शेड योजना अधर में:मजदूरी चुकाने को महिला ने बेची बकरियां, ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई

खेतड़ी के राजोता में कैटल शेड योजना अधर में:मजदूरी चुकाने को महिला ने बेची बकरियां, ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई

खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड की राजोता ग्राम पंचायत में एक लाभार्थी महिला को कैटल शेड योजना का लाभ नहीं मिला है। मजदूरों का भुगतान करने के लिए अपनी बकरियां तक बेचनी पड़ी, जिससे योजना में लापरवाही और धांधली के आरोप लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत राजोता निवासी अनुसूचित जाति की सुशीला देवी के नाम वर्ष 2023 में कैटल शेड योजना स्वीकृत हुई थी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पंचायत प्रशासन के कहने पर उन्होंने निर्माण कार्य शुरू कराया। परिवार ने नींव खुदवाकर ईंट-पत्थर लगवाए और मजदूर लगाकर निर्माण शुरू किया, लेकिन बीच में ही कार्य अधूरा रह गया। परिवार का कहना है कि मजदूरी और निर्माण सामग्री का भुगतान समय पर नहीं मिलने से वे आर्थिक संकट में फंस गए।

सुशीला देवी ने बताया कि मजदूरों की मजदूरी चुकाने के लिए उन्हें अपनी बकरियां तक बेचनी पड़ी। इस कारण परिवार पर अतिरिक्त कर्ज का बोझ बढ़ गया और पशुपालन भी संकट में आ गया। ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शिता के साथ पात्र लोगों तक पहुंचे तो गरीब परिवारों को राहत मिल सकती है।

इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारी उषा ने बताया कि यह कार्य महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत स्वीकृत हुआ था। नरेगा योजना का बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्य प्रभावित हुआ। उन्होंने आश्वस्त किया कि अब विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत जुलाई माह में कार्य दोबारा शुरू करवाया जाएगा, ताकि लाभार्थी को योजना का पूरा लाभ मिल सके और अधूरा निर्माण कार्य पूर्ण हो सके।

Related Articles

Mantratoto luwakpoker