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मंढोली गांव में खनन के विरोध में महापंचायत:ग्रामीण बोले- पहाड़ी नहीं खोदने देंगे, आंदोलन की चेतावनी दी; शुरू किया हस्ताक्षर अभियान


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मंढोली गांव में खनन के विरोध में महापंचायत:ग्रामीण बोले- पहाड़ी नहीं खोदने देंगे, आंदोलन की चेतावनी दी; शुरू किया हस्ताक्षर अभियान

मंढोली गांव में खनन के विरोध में महापंचायत:ग्रामीण बोले- पहाड़ी नहीं खोदने देंगे, आंदोलन की चेतावनी दी; शुरू किया हस्ताक्षर अभियान

नीमकाथाना : नीमकाथाना के मंढोली गांव में खनन पट्टा 60 की पर्यावरण स्वीकृति को लेकर हुई जनसुनवाई के बाद ग्रामीणों ने खनन का विरोध तेज कर दिया है। ग्रामीणों ने महापंचायत आयोजित कर स्पष्ट किया है कि गांव की पहाड़ी पर किसी भी सूरत में खनन नहीं होने दिया जाएगा।

मंदिर के क्षतिग्रस्त होने का खतरा

सरपंच विमला देवी ने बताया कि पहाड़ी पर चार से पांच मंदिर स्थित हैं, जिनके खनन से क्षतिग्रस्त होने का खतरा है। इसके अतिरिक्त, पहाड़ी के आसपास 100 से अधिक मकान बने हुए हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। ग्रामीण विकास मीणा ने प्रशासन को अवगत कराया है कि वे गांव में खनन नहीं होने देंगे और यदि प्रशासन हठधर्मिता अपनाता है तो ग्रामीण पुरजोर आंदोलन करेंगे।

खनन पर रोक के लिए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा

ग्रामीणों का आरोप खनन से धार्मिक आस्था प्रभावित

बुजुर्ग महिला दुर्गा देवी ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में पिछले 10-15 वर्षों से खनन गतिविधियां संचालित हो रही हैं। पहाड़ी के आसपास बालाजी मंदिर, बाबा रामदेव मंदिर, चिलाय माता मंदिर और हनुमान मंदिर सहित कई धार्मिक स्थल हैं, जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है।

ग्रामीणों का आरोप है कि खनन गतिविधियों से धार्मिक आस्था प्रभावित हो रही है, साथ ही धूल, शोर और पर्यावरणीय प्रभावों के कारण आमजन परेशान हैं। मशीनों के लगातार संचालन से जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है।

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