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किसानों के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं: कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सीकर में बीज-खाद फैक्ट्री पर मारा छापा


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किसानों के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं: कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सीकर में बीज-खाद फैक्ट्री पर मारा छापा

किसानों के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं: कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सीकर में बीज-खाद फैक्ट्री पर मारा छापा

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : नैना शेखावत

सीकर : राजस्थान के कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री Kirodi Lal Meena ने मंगलवार को सीकर के औद्योगिक क्षेत्र स्थित बालाजी एग्रो इंडस्ट्रीज पर औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान फर्म द्वारा खाद एवं मूंगफली बीज से जुड़े आवश्यक दस्तावेज, लाइसेंस और पैकेजिंग रिकॉर्ड मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिस पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई।

निरीक्षण में सामने आया कि बाजार से खरीदी गई मूंगफली को प्रमाणित बीज के रूप में तैयार कर किसानों को बेचने की तैयारी की जा रही थी। वहीं पैकिंग कार्य गोविंदगढ़ (जयपुर) में किए जाने के बावजूद कट्टों पर सीकर स्थित इकाई का नाम अंकित पाया गया। मंत्री ने इसे किसानों के साथ गंभीर धोखाधड़ी बताते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए।

डॉ. मीणा ने मौके से खाद एवं मूंगफली बीज के नमूने लेकर उनकी जांच करवाने के आदेश दिए। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा सामने आता है तो संबंधित फर्म और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों द्वारा उत्पादित गुणवत्तायुक्त ग्रेडर बीज के बजाय मंडियों से खरीदी गई सामान्य मूंगफली को बीज बताकर बेचना किसानों के हितों पर सीधा हमला है। राज्य सरकार किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और मिलावट या फर्जीवाड़े को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रारंभिक जांच में यह भी आशंका जताई गई कि मूंगफली में अफ्लाटॉक्सिन फंगस हो सकता है, जो फसल की गुणवत्ता, तेल उत्पादन और मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। मंत्री ने कहा कि राजस्थान मूंगफली उत्पादन और निर्यात में देश का अग्रणी राज्य है, ऐसे में गुणवत्ताहीन बीजों का कारोबार किसानों और प्रदेश दोनों के लिए नुकसानदेह है।

डॉ. मीणा ने बताया कि गोविंदगढ़ स्थित गोदाम बिना अनुमति संचालित पाया गया है तथा सीकर इकाई में पैकेजिंग कार्य नहीं होने के बावजूद करोड़ों रुपये की बिक्री दर्शाई जा रही है। मामले की विस्तृत जांच के लिए नमूनों की जीओ-टैगिंग करवाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। इस दौरान कृषि विभाग के उपनिदेशक मोहन सिंह बिजारणिया सहित विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

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