स्वीकृत सड़क दूसरी जगह बनाने का आरोप, जांच के आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं; 10 जून से धरने की चेतावनी
स्वीकृत सड़क दूसरी जगह बनाने का आरोप, जांच के आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं; 10 जून से धरने की चेतावनी
झुंझुनूं : जिले के श्योलपुरा क्षेत्र में सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि श्योलपुरा से गोरधनपुरा मार्ग पर स्वीकृत सड़क का निर्माण निर्धारित स्थान पर न कर दूसरी जगह कर दिया गया, जबकि शिकायत और जांच के निर्देशों के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव रामचंद्र कुलहरी तथा पूर्व सरपंच हुकमीचंद तातीजा के नेतृत्व में ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर की अनुपस्थिति में उनके निजी सहायक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2023-24 में खेतड़ी विधानसभा क्षेत्र के पैकेज RJ 20-02/VC/KTR/2023-24 के तहत श्योलपुरा से गोरधनपुरा मार्ग पर तातीजा सीमा तक लगभग पांच किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए करीब दो करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। स्वीकृति के बाद ग्रामीणों को वर्षों पुरानी सड़क समस्या के समाधान की उम्मीद थी, लेकिन निर्माण कार्य निर्धारित मार्ग पर शुरू ही नहीं हुआ।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने राजनीतिक दबाव एवं अन्य कारणों से सड़क निर्माण का कार्य श्योलपुरा की बजाय तातीजा क्षेत्र की ओर करा दिया। लंबे समय तक इंतजार के बाद जब निर्माण कार्य का पता लगाने की कोशिश की गई तो मामला सामने आया।
पूर्व सरपंच हुकमीचंद तातीजा ने बताया कि हाल ही में तातीजा क्षेत्र में बनी सड़क पर लगे माइलस्टोन पर “श्योलपुरा” अंकित मिला, जिससे ग्रामीणों को संदेह हुआ कि स्वीकृत सड़क को दूसरी जगह निर्मित कर दिया गया है। इसके बाद ग्रामीणों ने इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए विरोध शुरू कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि 27 अप्रैल को भी जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर मामले की जांच की मांग की गई थी। जिला कलेक्टर द्वारा अधीक्षण अभियंता को जांच के निर्देश दिए जाने के बावजूद एक माह से अधिक समय बीत जाने पर भी कोई रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों में विभाग की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए तथा मूल स्वीकृति के अनुसार श्योलपुरा से गोरधनपुरा मार्ग पर सड़क निर्माण कराया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 10 जून तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग की होगी। प्रतिनिधिमंडल में हंसराम खटाणा, मांगूराम तंवर, चुन्नीलाल, मंगलाराम सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
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