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गंगा दशहरा पर सिंघाना में चला जल संरक्षण अभियान


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गंगा दशहरा पर सिंघाना में चला जल संरक्षण अभियान

श्रमदान, पौधारोपण और जनजागरण कार्यक्रम में उमड़ी जनभागीदारी

सिंघाना : गंगा दशहरा के पावन अवसर पर सोमवार को सिंघाना में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत जनजागरण, श्रमदान एवं पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। माकड़ो रोड स्थित पंचायत समिति कार्यालय के सामने ऐतिहासिक तालाब क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, युवाओं एवं क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व सांसद संतोष अहलावत रहीं।

कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा एवं पीपल वृक्ष के पूजन-अर्चन से हुई। इसके बाद तालाब के जीर्णोद्धार के लिए श्रमदान किया गया। उपस्थित लोगों ने स्वयं श्रम कर जल स्रोतों के संरक्षण तथा पर्यावरण संवर्धन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस अवसर पर पूर्व सांसद संतोष अहलावत ने कहा कि जल, वृक्ष और प्रकृति की रक्षा को जनआंदोलन का रूप देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने राजस्थान की पहचान माने जाने वाले खेजड़ी वृक्ष के संरक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, पर्यावरण और जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने युवाओं से “वृक्ष मित्र” बनकर पौधारोपण के साथ उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने वाले लोगों का माला पहनाकर सम्मान भी किया गया। इस पहल से युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।

सिंघाना पंचायत समिति के विकास अधिकारी गणेशराम जाखड़ ने उपस्थित लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाते हुए कहा कि जल बचाना केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने वर्षा जल संचयन, तालाबों एवं पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण को समय की आवश्यकता बताया।

कार्यक्रम में बीडीओ, तहसीलदार, भाजपा मंडल अध्यक्ष, पार्टी पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। सभी ने कुओं, बावड़ियों और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, अधिकाधिक पौधारोपण तथा प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।

जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और प्रकृति प्रेम के संदेशों से सराबोर यह कार्यक्रम जनभागीदारी का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा, जिसने लोगों को जल और पर्यावरण बचाने के लिए जागरूक एवं प्रेरित किया।

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