[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

सादुलपुर में 4 किलोमीटर दूर मनरेगा स्थल:गुलपुरा में पानी और छाया का अभाव, अधिकारियों ने किया समाधान का दावा


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
चूरूटॉप न्यूज़राजस्थानराज्यसादुलपुर

सादुलपुर में 4 किलोमीटर दूर मनरेगा स्थल:गुलपुरा में पानी और छाया का अभाव, अधिकारियों ने किया समाधान का दावा

सादुलपुर में 4 किलोमीटर दूर मनरेगा स्थल:गुलपुरा में पानी और छाया का अभाव, अधिकारियों ने किया समाधान का दावा

सादुलपुर : सादुलपुर के पास गांव गुलपुरा की रोही में चल रहे मनरेगा कार्य में मजदूरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों को गांव से लगभग 3 से 4 किलोमीटर दूर स्थित जोहड़ में काम करने जाना पड़ता है, जिसके लिए कोई उचित रास्ता भी नहीं है। उन्हें कार्यस्थल तक पहुंचने के लिए रेल लाइन के पास से पैदल गुजरना पड़ता है।

टेंट, पानी और चिकित्सा की व्यवस्था नहीं

मजदूरों ने बताया कि कार्यस्थल पर छाया के लिए टेंट, पीने के पानी और चिकित्सा संबंधी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। तेज गर्मी में काम करना उनके लिए अत्यंत कठिन हो गया है।

गांव के नजदीक काम देने की मांग

महिला मजदूरों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि धूप में कई घंटे काम करने के बाद जब वे 3 किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुंचती हैं, तो उनके पैरों में जलन होने लगती है। इसके बावजूद उन्हें घर पहुंचकर खाना बनाने सहित अन्य घरेलू काम भी करने पड़ते हैं। मजदूरों ने मांग की है कि उन्हें गांव के नजदीक ही कार्य दिया जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके।
जिओ टैगिंग और ऑनलाइन हाजिरी में आ रही समस्या

मजदूरों ने यह चिंता भी व्यक्त की कि यदि किसी की तबीयत अचानक खराब हो जाए, तो कार्यस्थल तक चार पहिया वाहन पहुंचने का रास्ता न होने के कारण कोई बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं, मेट बलवान ने बताया कि कार्यस्थल पर जिओ टैगिंग और ऑनलाइन हाजिरी लगाने में भी समस्या आ रही है, जिससे कई मजदूरों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाई है और उनकी मजदूरी पर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराया है।

इस मामले पर ग्राम विकास अधिकारी सचिन ने बताया कि कार्य शुरू हुए अभी दो दिन ही हुए हैं। जिओ ट्रैकिंग में आ रही तकनीकी समस्या को जल्द ही ठीक कर दिया जाएगा और सभी मजदूरों को उनकी मजदूरी मिल जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पानी की व्यवस्था के लिए भी मस्टररोल में नाम दिया गया है।

Related Articles