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जून से डंपरों में अनिवार्य होगा GPS ट्रैकिंग सिस्टम, बिना VTS नहीं मिलेगी ट्रांजिट पास (TP)


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झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

जून से डंपरों में अनिवार्य होगा GPS ट्रैकिंग सिस्टम, बिना VTS नहीं मिलेगी ट्रांजिट पास (TP)

खनिज परिवहन पर रहेगी रियल टाइम निगरानी, अवैध खनन और परिवहन पर लगेगा अंकुश

झुंझुनूं : जिले में खनिज परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए खनन विभाग जून माह से जीपीएस आधारित व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (VTS) लागू करने जा रहा है। नए सिस्टम के तहत खनन सामग्री का परिवहन करने वाले डंपरों में ट्रैकिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने वाले वाहनों को ट्रांजिट पास (TP) जारी नहीं की जाएगी।

खनन विभाग का उद्देश्य अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। वर्तमान में ई-रवन्ना में एक स्थान दर्शाकर खनिज सामग्री अन्य स्थानों पर पहुंचाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। VTS लागू होने के बाद वाहन की पूरी गतिविधि रियल टाइम में रिकॉर्ड होगी, जिससे परिवहन प्रक्रिया की निगरानी आसान हो जाएगी।

रियल टाइम में मिलेगी हर गतिविधि की जानकारी

GPS आधारित इस प्रणाली के माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि वाहन कहां से रवाना हुआ, किस मार्ग से होकर गुजरा और किस स्थान पर जाकर खनिज सामग्री खाली की गई। वाहन मालिकों के साथ-साथ खनन विभाग के अधिकारी भी डंपरों की लाइव लोकेशन देख सकेंगे।

इसके अलावा सुरक्षा की दृष्टि से वाहनों में पैनिक बटन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे किसी आपात स्थिति में चालक तुरंत सहायता के लिए संकेत भेज सकेगा।

जिले के 1500 डंपरों में लगेगा सिस्टम

खनन विभाग ने जिले में खनिज परिवहन में लगे लगभग 1500 डंपरों में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से GPS डिवाइस लगाए जाएंगे।

अधीक्षण खनि अभियंता Pushpendra Singh ने बताया कि अभियान चलाकर चरणबद्ध तरीके से सभी खनिज परिवहन वाहनों में ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा।

पांच स्थानों पर लगेंगे विशेष शिविर

खनन विभाग के अनुसार VTS इंस्टॉलेशन के लिए निम्न स्थानों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे—

  • 25 एवं 27 मई — मेहाड़ा, खेतड़ी
  • 1 एवं 3 जून — मोडा पहाड़, झुंझुनूं
  • 4 एवं 5 जून — नारी, चिड़ावा

नए सिस्टम के प्रमुख लाभ

  • सभी डंपरों में GPS आधारित ट्रैकिंग अनिवार्य होगी।
  • वाहन की लाइव लोकेशन की निगरानी संभव होगी।
  • वाहन के प्रारंभिक और अंतिम गंतव्य की जानकारी रिकॉर्ड होगी।
  • ई-रवन्ना में हेरफेर और गलत गंतव्य पर माल पहुंचाने जैसी गड़बड़ियां पकड़ी जा सकेंगी।
  • अवैध खनन और खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।
  • पैनिक बटन के माध्यम से चालक आपातकालीन सहायता प्राप्त कर सकेगा।

खनन विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद खनिज परिवहन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी तथा राजस्व हानि और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

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