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डीप-फ्रीजर में शव रखकर अस्पताल के सामने प्रदर्शन:मरीज की मौत के बाद परिजनों का फूटा आक्रोश, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप


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डीप-फ्रीजर में शव रखकर अस्पताल के सामने प्रदर्शन:मरीज की मौत के बाद परिजनों का फूटा आक्रोश, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप

डीप-फ्रीजर में शव रखकर अस्पताल के सामने प्रदर्शन:मरीज की मौत के बाद परिजनों का फूटा आक्रोश, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप

राजलदेसर : चूरू जिले के राजलदेसर स्थित सरकारी अस्पताल में एक रोगी की मौत के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर राजलदेसर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश की कोशिश की। लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। परिजनों की मांग है कि आरोपी डॉक्टर को सस्पेंड किया जाए और 50 लाख का मुआवजा दिया जाए।

5 घंटे चला इलाज, फिर किया रेफर

परिजनों ने बताया कि राजलदेसर अस्पताल में सोमवार सुबह 9 बजे रामलाल भाट (33) को भर्ती कराया गया था। जहां डॉ. कपिल धाभाई ने उनका इलाज किया। परिजनों ने डॉक्टर से बार-बार रोगी को रेफर करने का आग्रह किया, लेकिन डॉक्टर उन्हें केवल आश्वासन देते रहे।

सोमवार दोपहर करीब 2 बजे रामलाल की हालत बिगड़ने पर उन्हें बीकानेर रेफर किया गया। शाम करीब 5 बजे बीकानेर पहुंचने पर वहां के डॉक्टरों ने रामलाल को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन रामलाल के शव को लेकर वापस राजलदेसर पहुंचे, जहां सरकारी अस्पताल के आगे डीप-फ्रीजर में शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

राजलदेसर अस्पताल के सामने डीप-फ्रीजर में शव रखकर परिजनों ने प्रदर्शन शुरू किया।
राजलदेसर अस्पताल के सामने डीप-फ्रीजर में शव रखकर परिजनों ने प्रदर्शन शुरू किया।

कलेक्टर से लगाई गुहार

इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा को एक पत्र लिखा है। जिसमे बताया कि राजलदेसर के वार्ड 26 निवासी रामूराम जाट के पैर में चोट लगने के बाद इलाज के लिए राजलदेसर के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार अस्पताल में कार्यरत डाॅ. कपिल धाभाई ने रोगी की गंभीर स्थिति को नजरअंदाज करते हुए केवल पैर पर पक्का प्लास्टर कर इलाज किया। जबकि रामूराम की हालत बिगड़ी हुई थी।

‘खून की उल्टियां होने पर भी रेफर नहीं किया’

परिजनों का आरोप है कि रामूराम को खून की उल्टियां होने जैसी गंभीर स्थिति के बाद भी समय पर हायर सेंटर रेफर नहीं किया गया। यदि समय रहते उसको सही इलाज और रेफर किया जाता तो उसकी मौत नहीं होती। डाॅक्टर ने स्थिति ज्यादा गंभीर होने पर उसे बीकानेर के पीबीएम अस्पताल रेफर किया। जहां पहुंचने के बाद उसकी मौत हो गई।

राजलदेसर अस्पताल के बाहर प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस थाने से ASI बजरंग यादव पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाइश की कोशिश की, लेकिन परिजन मांगों पर अड़े रहे।
राजलदेसर अस्पताल के बाहर प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस थाने से ASI बजरंग यादव पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाइश की कोशिश की, लेकिन परिजन मांगों पर अड़े रहे।

डॉक्टर को सस्पेंड, 50 लाख के मुआवजे की मांग

परिजनों ने कलेक्टर से मांग की है कि आरोपी डाॅ. कपिल धाभाई को तुरन्त प्रभाव से सस्पेंड कर उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जायें। पूरे मामले की जांच उच्च स्तरीय मेडिकल बोर्ड से निष्पक्ष जांच करवायी जाये। डाॅक्टर की लापरवाही साबित होने पर संबंधितों के विरूद्ध मामला दर्ज किया जाये। मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए का आर्थिक मुआवजा दिया जाये। मृतक परिवार के एक सदस्य को संविदा सरकारी नौकरी दी जाये। राजलदेसर के अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्थाओं की जांच कर सुधार किया जाये।’

15 मई को बाइक से गिरकर हुए थे चोटिल

मृतक रामूराम 15 मई को बाइक से गिर गये थे। जिससे उनके पैर पर गंभीर चोट आई थीं। परिजन उनको इलाज के लिए राजलदेसर अस्पताल लेकर गये। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान गंभीर चोटों को नजरअंदाज किया गया।

बताया जा रहा है कि 18 मई को रामूराम को खून की उल्टियां होने लगीं। जिसके बाद उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां हालत गंभीर होने पर डाॅक्टरों ने रामूराम को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। पीबीएम अस्पताल पहुंचते ही उनकी मौत हो गई। जहां से परिजन रात को शव लेकर राजलदेसर आ गये। जहां अस्पताल के सामने डीप-फ्रीजर में शव रखकर प्रदर्शन कर रहे है।

राजलदेसर अस्पताल के बाहर प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस थाने से ASI बजरंग यादव पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाइश की कोशिश की, लेकिन परिजन मांगों पर अड़े रहे।
राजलदेसर अस्पताल के बाहर प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस थाने से ASI बजरंग यादव पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाइश की कोशिश की, लेकिन परिजन मांगों पर अड़े रहे।

पुलिस ने की समझाइश की कोशिश

इधर अस्पताल में हंगामे और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही राजलदेसर पुलिस थाने से ASI बजरंग यादव पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने और मामले को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। फिलहाल, स्थिति को देखते हुए पुलिस बल मौके पर तैनात है। धरने पर अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष भादर भाम्भू, भीम आर्मी के अध्यक्ष श्रवण बारूपाल, कालूराम मेघवाल और कांग्रेस मंडल अध्यक्ष मोहम्मद जब्बार खोखर सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद हैं, जो परिजनों का समर्थन कर रहे हैं।

भजन कीर्तन कर परिवार पालता था

मृतक रामूराम जागरण में भजन कीर्तन कर अपने परिवार का पालन पोषण करता था। परिवार में उसके 2 बेटी और 1 बेटा हैं, जो स्कूल में पढ़ाई करते हैं। इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी सुरेन्द्र बारूपाल, तहसीलदार हरदीप सिंह, बीसीएमएचओ डाॅ. मनीष तिवारी ने धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। मगर डाॅक्टर की बर्खास्तगी और मुआवजे की मांग को लेकर गतिरोध बना रहा और वार्ता विफल हो गई। धरने पर रतनगढ विधायक पूसाराम गोदारा व गोपाल मारू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिधि भी पहुंचे हैं।

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