इस्लामपुर के रेलवे पुलिस कांस्टेबल रविंद्र बामिल की सड़क दुर्घटना में मौत, सम्मान में ग्रामीणों ने निकाली तिरंगा रैली
राजकीय सम्मान से हुआ अंतिम संस्कार, तीन दिन पहले ही ड्यूटी पर गए थे
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद आरिफ चंदेल
इस्लामपुर : भीलवाड़ा जिले के मांडल क्षेत्र में शुक्रवार सुबह नेशनल हाईवे-48 पर दर्दनाक हादसे में दो पुलिसकर्मियों सहित 3 की मौत हो गई। शव के साथ आए जीआरपी के जवानों ने बताया कि मांडल चौराहे के पास सुबह लगभग 5 बजे तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक पर सवार जीआरपी थाने के हेड कांस्टेबल लेखराज बागड़ी और कांस्टेबल रविंद्र सिंह (48) निवासी इस्लामपुर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक चोरी के आरोपी छोटू भील ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों पुलिसकर्मी रायला क्षेत्र से आरोपी को पकड़कर भीलवाड़ा ला रहे थे। विभागीय वाहन उपलब्ध नहीं होने पर आरोपी को बाइक पर ही लाया जा रहा था।
सम्मान में ग्रामीणों ने निकाली तिरंगा यात्रा
मृतक कांस्टेबल का शव देररात भीलवाड़ा से इस्लामपुर पहुंचा। शव को रातभर सरकारी अस्पताल में रखा गया। सुबह ग्रामीण की ओर से मृतक के सम्मान में कस्बे के मुख्य मार्गो से तिरंगा रैली निकाली गई। तिरंगा यात्रा में सरकारी और निजी शिक्षण संस्थाओं के बच्चों सहित कस्बे के युवा शामिल हुए । शव को डीजे पर देशभक्ति गीतों और नारों के साथ घर पहुंचाया गया। संपूर्ण कस्बा रविंद्र बामिल अमर रहे और भारत माता के जयकारों से गूंज उठा। ग्रामीणों की ओर से शव यात्रा पर जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई।

अंकल जी प्लीज एकबार ओर चेहरा दिखा दो…
शव के घर पहुंचते ही हाहाकार मच गया। मां, पत्नी और बच्चे रो-रोकर बदहवास हो गए। पत्नी शव से लिपटकर बिलख पड़ी और पुलिस अधिकारियों से पति का चेहरा दिखाने की गुहार लगाने लगी। वहीं मृतक की बेटी भी कहती रही अंकल जी प्लीज एकबार चेहरा ओर दिखा दो। ऐसा मंजर देखकर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गई।
राजकीय सम्मान से किया गया अंतिम संस्कार
मृतक रविंद्र सिंह बामिल का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। राजस्थान पुलिस और जीआरपी के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और पुष्प चक्कर अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। अधिकारियों की ओर से मृतक के बेटे हितेश को सम्मान सहित तिरंगा सौंपा गया।
गौरतलब है कि रविंद्र सिंह बामिल 2014 में आर्मी से सेवानिवृत हो गए थे। 2017 से 2021 तक राजस्थान पुलिस में जेल प्रहरी के पद पर रहे। 2023 में जीआरपी अजमेर में सलेक्ट हो गए ओर उसके बाद जयपुर ट्रांसफर हो गया। वर्तमान में इनकी पोस्टिंग जीआरपी भीलवाड़ा में थी।
रविंद्रसिंह बामिल अपने बच्चों के साथ जयपुर रहते थे। स्कूलों की छुट्टियां पड़ने पर 8 मई शुक्रवार को पत्नी ओर बेटी को इस्लामपुर छोड़ने आए थे। चार दिन रहकर 12 मई मंगलवार को ड्यूटी पर भीलवाड़ा गए थे। लगभग तीन दिन बाद ही यह हादसा हो गया। मृतक बामिल दो भाइयों में छोटा था। इनका बड़ा भाई जयप्रकाश बामिल भी आर्मी से रिटायर हैं और इनके पिता सरदाराराम भी आर्मी से रिटायर थे जिनका निधन हो गया। मृतक बामिल के एक लड़का और एक लड़की है।लड़का हितेश कुमार दिल्ली से एमबीबीएस कर रहा है वहीं बेटी निकिता जयपुर में रहकर पढ़ाई कर रही है।
आर्मी में इनके साथ ड्यूटी करने वाले सूबेदार संत कुमार ने बताया कि बामिल अच्छा स्पोर्ट्समैन और अनुशासित सिपाही था उन्होंने हमेशा चुनौतियों का सामना करते हुए साहस का परिचय दिया।
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